मेघालय: राज्य एड्स परिषद की पहली बैठक संपन्न

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एचआईवी नियंत्रण के लिए पांच सूत्रीय रणनीति तय

​शिलांग: मेघालय राज्य एड्स परिषद की पहली बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई। राज्य में एचआईवी/एड्स की बढ़ती चुनौती को देखते हुए इसे एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या के रूप में स्वीकार किया गया है।
​प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मेघालय में एचआईवी की दर ०.४० प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत ०.२० प्रतिशत से दोगुनी है। वर्ष २०१० के बाद से नए संक्रमणों में ५८.७४ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके अनुसार प्रतिदिन लगभग ७ नए मामले सामने आ रहे हैं। वर्तमान में राज्य में ६१८ एचआईवी मामले हैं, जिनमें ६० गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।
​वर्ष २०१० से एड्स से होने वाली मौतों में ६१.१८ प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन केवल ७७.२ प्रतिशत संक्रमित ही इलाज प्राप्त कर रहे हैं। सामाजिक भेदभाव और वित्तीय बाधाओं के कारण २,३८१ पहचाने गए मरीज अभी भी उपचार शुरू नहीं कर पाए हैं।
​इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने प्रारंभिक जांच और पहचान में तेजी, बेहतर उपचार और मरीजों की निरंतर देखभाल, नए संक्रमणों की रोकथाम, माताओं और बच्चों की सुरक्षा, तथा सामाजिक भेदभाव और भ्रांतियों को कम करने की पांच सूत्रीय रणनीति अपनाई है। इसके साथ ही सेल्फ-टेस्टिंग, मोबाइल आईसीटीसी, नए एआरटी केंद्रों की स्थापना, घर-घर दवाएं पहुंचाने तथा युवाओं और समुदाय के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

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