नाबालिग के साथ यौन हिंसा मामले में आरोपी को १० साल की कैद, पश्चिम बंगाल पुलिस की जांच को अदालत का समर्थन

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दार्जिलिंग। १६ वर्षीय नाबालिग को प्रेम का प्रस्ताव रखकर बार-बार यौन हिंसा करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए साहिल तामांग को अदालत ने १० साल की कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर १० हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह घटना मई २०२५ की है। नाबालिग को प्रेम का प्रस्ताव रखकर साहिल तामांग पर बार-बार यौन हिंसा करने का आरोप है। कुछ समय बाद नाबालिग के गंभीर रूप से बीमार होने पर उसे दार्जिलिंग सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


अस्पताल प्रशासन से घटना की जानकारी मिलने के बाद दार्जिलिंग सदर (महिला) थाने की पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई थी। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर नम्रता तामांग ने संभाली थी।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपी साहिल तामांग को गिरफ्तार किया। घटना से जुड़े सबूत और तथ्य एकत्र कर विस्तृत जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दायर किया था।
हाल ही में संपन्न न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए १० साल की कारावास और १० हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जांच में शामिल पुलिस अधिकारी और टीम के प्रयासों का उल्लेख करते हुए नाबालिगों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। पुलिस की ओर से जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाकर आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया और अंततः आरोपी को सजा मिली, जिसे कानून के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
नाबालिगों पर होने वाले यौन हिंसा जैसे गंभीर अपराधों में तुरंत सूचना, प्रभावी जांच और समय पर न्यायिक प्रक्रिया का आगे बढ़ना आवश्यक है, यह इस घटना से एक बार फिर साबित हुआ है।

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