लद्दाख: सिंधु जल संधि के निलंबन की पृष्ठभूमि में भारत ने लद्दाख में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत ने सीमेंट और कंक्रीट का इस्तेमाल किए बिना पत्थरों से चेक डैम का निर्माण किया है।
इस चेक डैम के निर्माण के बाद आसपास के क्षेत्रों में पानी का भंडारण बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर जलस्तर करीब १० फीट तक बढ़ने की बात कही जा रही है।
इससे लद्दाख के सूखे और बंजर खेतों की सिंचाई के लिए करीब चार करोड़ लीटर पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है। पानी के संरक्षण और स्थानीय कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिहाज से इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पानी की कमी वाले लद्दाख में पारंपरिक तथा प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित संरचनाओं के जरिए जल संचयन के इस प्रयास को स्थानीय स्तर पर प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है।





