नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रधान न्यायाधीश के विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता पर हुए कथित हमले के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत नई एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, घटना में पीड़ित नाबालिग है। इससे पहले दर्ज एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
मामले में नाम सामने आए स्वतंत्र भारद्वाज को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, जांच जारी है और भारद्वाज जांच में सहयोग कर रहे हैं।
भारद्वाज ने अपने पॉडकास्ट के माध्यम से घटना पर सफाई देते हुए दावा किया कि उनकी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। उनके मुताबिक, उन्हें 10 से 15 लोगों ने घेर लिया था और खुद को बचाने के दौरान निशु आजाद के पिता के सिर पर चोट लगी।
उन्होंने दावा किया कि मेडिकल रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई है और घटना का वीडियो प्रमाण उनके पास है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ पॉडकास्ट क्लिप को उन्होंने फर्जी बताया है।





