तवांग: देश की सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सीमावर्ती गांवों को समृद्ध, आत्मनिर्भर और अवसरों से युक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ, सीमांत क्षेत्र के निवासियों का आर्थिक जीवनस्तर ऊपर उठाने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत तवांग जिले के स्थानीय निवासियों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता (हाई जेनेटिक क्वालिटी) वाली जर्सी क्रॉसब्रीड नस्ल की गायें वितरित की गई हैं।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू की विशेष पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम के तहत तवांग के ३५ स्थानीय हितधारकों व पशुपालकों को कुल १०५ उन्नत नस्ल की जर्सी गायें प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री खांडू ने इस अवसर पर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और वहां के नागरिकों की खुशहाली ही देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाती है।
इस अनूठी पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत डेयरी फार्मिंग (दुग्ध व्यवसाय) को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय निवासियों के लिए सालभर की स्थायी आजीविका का एक नया स्रोत तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में निरंतर सहयोग के लिए भारत सरकार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) डेयरी सर्विसेज के प्रति आभार व्यक्त किया है। सीमावर्ती गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त और जीवंत बनाने वाला यह कदम स्थानीय युवाओं को व्यावसायिक डेयरी उद्योग की ओर आकर्षित कर ग्रामीण समृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।









