मणिपुर: राज्य में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियां

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इम्फाल: मणिपुर में पिछले कुछ समय से बढ़ते जातीय तनाव और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के बीच बुधवार को कांगपोकपी जिले में हुए एक घातक हमले ने एक बार फिर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संदिग्ध सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में कुकी समुदाय के तीन चर्च नेताओं और एक चालक सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
यह घटना सुबह लगभग १० बजे इम्फाल–तामेंगलोंग राजमार्ग पर कोटलेन और कोटजिम गांवों के बीच हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले में नेशनल सोशलिस्ट कॉउन्सिल ऑफ़ नागालैंड (इसक – मुईवाह) यानी एनएससीएन–आईएम से जुड़े संदिग्ध उग्रवादियों की संलिप्तता होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मृतकों की पहचान मणिपुर बापटिस्ट कान्वेंशन के पूर्व महासचिव रेवरेन्ड डॉ. वी. सिटल्हौ, रेवरेन्ड काइगौलुन, पादरी पाओगोलेन तथा चालक लेलेन के रूप में हुई है। बताया गया है कि वे थादोउ बापटिस्ट एसोसिएशन के सम्मेलन में भाग लेकर चुराचांदपुर से कांगपोकपी लौट रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया।
सूत्रों के अनुसार, चर्च प्रतिनिधि दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें रोककर गोलीबारी की गई। घटना के बाद लियांगमाई नागा समुदाय के लगभग १० लोगों को बंधक बनाए जाने का भी दावा किया गया है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
आतंकवाद और जातीय अस्थिरता से जटिल होता मणिपुर:
पिछले एक वर्ष से मणिपुर में कुकी, मैतेई और नागा समुदायों के बीच बढ़ते अविश्वास तथा सशस्त्र समूहों की सक्रियता ने राज्य की सुरक्षा स्थिति को लगातार कमजोर किया है। विभिन्न उग्रवादी संगठनों के बीच प्रभाव विस्तार, भू-नियंत्रण और जातीय वर्चस्व की लड़ाई के कारण आम नागरिक भी हिंसा का शिकार बनने लगे हैं।
विशेष रूप से सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती सशस्त्र गतिविधियों के चलते धार्मिक संस्थाएं, सामुदायिक नेता और यात्री भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटना धार्मिक नेतृत्व पर सीधे हमले की गंभीर प्रवृत्ति को दर्शाती है।
घटना के बाद थाडो समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों ने कांगपोकपी जिले के सदर पहाड़ी क्षेत्र में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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