​२६ अक्टूबर: देश-दुनिया के इतिहास में आज का दिन

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​नयी दिल्ली: वर्ष के दसवें महीने की २६ तारीख देश के ऐतिहासिक और भौगोलिक स्वरूप के निर्धारण में बहुत खास है। यह उन दिनों की बात है, जब १९४७ में बंटवारे की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी। हर तरफ अफरा-तफरी और अनिश्चितता का माहौल था। ऐसे में हमसाया देश आक्रामक हो उठा और बंटवारे के बाद अस्तित्व में आए पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला कर दिया। परिस्थितियों को देखते हुए कश्मीर के राजा हरि सिंह ने १९४७ में आज ही के दिन अपने राज्य को भारत में मिलाने का फैसला किया। इस आशय के समझौते पर हस्ताक्षर होते ही भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पहुंचकर हमलावर पड़ोसी की सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस लड़ाई में कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया। कश्मीर आज तक दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी की वजह बना हुआ है।
​देश-दुनिया के इतिहास में २६ अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है~
​१७७४: अमेरिका की पहली महाद्वीपीय कांग्रेस फिलाडेल्फिया के कारपेंटर्स हॉल में अपनी बैठकें समाप्त करके स्थगित हुई थी। यह कांग्रेस ५ सितंबर १७७४ से २६ अक्टूबर १७७४ तक चली थी।
​१८५८: अमेरिका के हैमिल्टन ई. स्मिथ ने रोटरी (घूमने वाली) वॉशिंग मशीन का पेटेंट कराया था। यह मशीन एक हाथ वाले क्रैंक से चलती थी। इसे घुमाने पर अंदर लगे रॉड या पैडल घूमते थे, जो हाथों से कपड़े रगड़ने जैसी प्रक्रिया करते थे।
​१९०५: नॉर्वे और स्वीडन के बीच कार्ल्सटैड समझौते के बाद, स्वीडन के राजा ऑस्कर द्वितीय ने नॉर्वे के एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के दावे को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया था और नॉर्वे के सिंहासन पर अपने अधिकार को त्याग दिया था। नॉर्वे और स्वीडन १८१४ से एक निजी संघ के तहत जुड़े हुए थे, जिसमें दोनों देशों का राजा एक ही होता था। अगस्त १९०५ में नॉर्वे में हुए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह में ९९.९% से अधिक नागरिकों ने संघ को खत्म करने के पक्ष में वोट दिया। कार्ल्सटैड में हुए समझौतों के बाद २६ अक्टूबर को स्वीडन ने इसे कानूनी मान्यता दी, जिससे यह दुनिया के इतिहास में बिना किसी युद्ध के हुआ एक दुर्लभ शांतिपूर्ण अलगाव बन गया।
​१९३४: महात्मा गांधी के संरक्षण में ‘अखिल भारतीय ग्रामीण उद्योग संघ’ (ऑल इंडिया विलेज इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) की स्थापना हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, ग्राम उद्योगों और शिल्पकला का पुनरुद्धार करना, ग्राम स्वच्छता और आहार में सुधार करना था। इस संघ के प्रथम अध्यक्ष श्री कृष्णदास जाजू बने थे।
​१९४३: ब्रिटिशकालीन भारत के कलकत्ता (अब कोलकाता) में हैजे से २,१५५ लोगों की मौत हो गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध, खाद्यान्न की कमी और ग्रामीण इलाकों में आई तबाही के कारण लाखों बेघर लोग भोजन की तलाश में कोलकाता की सड़कों पर आ गए थे। भुखमरी के साथ-साथ हैजा, मलेरिया और चेचक जैसी बीमारियों ने शहर में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें अनुमानित रूप से लाखों लोगों की जान गई थी।
​१९४७: जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले के बाद भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत के गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने इस विलय को स्वीकार किया। इसके बाद २७ अक्टूबर को ही भारतीय सेना को हवाई मार्ग से श्रीनगर भेजा गया, जिसने हमलावरों का कड़ा मुकाबला किया। इस दिन को हर साल एक्सेशन डे (विलय दिवस) के रूप में याद किया जाता है।
​१९४७: ब्रिटिश सेना ने इराक से पूरी तरह हटने की घोषणा की थी। ३ अक्टूबर १९३२ को ब्रिटिश शासन से मिली पूर्ण स्वतंत्रता के बाद भी १९३० की एंग्लो-इराकी संधि के तहत ब्रिटिश सैन्य ठिकाने इराक में बने रहे। इस वापसी की घोषणा के बाद, एंग्लो-इराकी संधि (१९४८) और बाद में १९५५ में बगदाद समझौते के तहत ब्रिटिश सेना ने इराक में अपने हवाई ठिकानों को पूरी तरह खाली किया।
​१९५०: संत मदर टेरेसा के ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ को वेटिकन (रोमन कैथोलिक चर्च) ने आधिकारिक तौर पर अपनी स्वीकृति दी थी। मदर टेरेसा ने केवल १२ सदस्यों के साथ इस संस्था की शुरुआत ७ अक्टूबर १९५० को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में की थी।
​१९५१: कंज़रवेटिव पार्टी के नेता विंस्टन चर्चिल दोबारा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने। अक्टूबर १९५१ के आम चुनाव में कंज़रवेटिव पार्टी ने १७ सीटों के बहुमत के साथ जीत हासिल की थी। इससे पहले वे १० मई १९४० से २६ जुलाई १९४५ तक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पहली बार प्रधानमंत्री रहे थे। वे ५ अप्रैल १९५५ तक इस पद पर रहे, जिसके बाद खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
​१९५८: अमेरिका के बोइंग ७०७ ने न्यूयॉर्क से पेरिस के लिए अपनी पहली व्यावसायिक उड़ान भरी, जिसने कमर्शियल एविएशन (व्यावसायिक विमानन) में ‘जेट युग’ की शुरुआत की। यह उड़ान पैन अमेरिकन वर्ल्ड एयरवेज द्वारा संचालित की गई थी। इस पहली उड़ान में कुल १११ यात्री और ११ क्रू सदस्य सवार थे।
​१९६२: भारत-चीन युद्ध के दौरान बाहरी आक्रमण के कारण भारत के संविधान के अनुच्छेद ३५२ के तहत पहली बार भारत में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई थी। भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने इसकी घोषणा की थी। यह आपातकाल १० जनवरी १९६८ को वापस लिया गया था।
​१९६९: अपोलो ११ मिशन के अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग (चांद पर कदम रखने वाले पहले मानव), बज एल्ड्रिन (लूनर मॉड्यूल पायलट) और माइकल कॉलिन्स (कमांड मॉड्यूल पायलट) मुंबई के सांता क्रूज़ हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। मुंबई पहुंचने पर हवाई अड्डे पर उत्सुक भारतीयों की भारी भीड़ ने तीनों अंतरिक्ष यात्रियों का भव्य स्वागत किया था।
​१९७५: मिस्र के राष्ट्रपति अनवर अल-सादात अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले मिस्र के पहले राष्ट्रपति बने थे। यह यात्रा शीत युद्ध के दौरान मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव लेकर आई। इससे पहले मिस्र के संबंध सोवियत संघ के साथ अधिक मजबूत थे। राष्ट्रपति सादात की इस यात्रा ने अमेरिका और मिस्र के बीच संबंधों को मजबूत किया, जिसने आगे चलकर १९७८ के ऐतिहासिक ‘कैंप डेविड समझौते’ और १९७९ में इजरायल-मिस्र शांति संधि की नींव रखी।
​१९७९: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पार्क चुंग-ही की हत्या उन्हीं के करीबी मित्र और कोरियाई केंद्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक किम जाए-क्यू ने कर दी थी। इस ऐतिहासिक घटना को दक्षिण कोरिया में “१०.२६ घटना” के नाम से जाना जाता है। किम जाए-क्यू का दावा था कि उन्होंने देश में लोकतंत्र की बहाली और राष्ट्रपति पार्क की तानाशाही को समाप्त करने के लिए यह कदम उठाया था। उस समय पार्क चुंग-ही के शासन के खिलाफ नागरिक विरोध प्रदर्शन चरम पर थे।
​१९८०: यित्झाक नाबोन मिस्र की आधिकारिक यात्रा करने वाले पहले इजरायली राष्ट्रपति बने थे। यह यात्रा १९७९ में दोनों देशों के बीच हुई ऐतिहासिक मिस्र-इजरायल शांति संधि के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम थी। राष्ट्रपति यित्झाक नाबोन ने अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दौरान काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात से मुलाकात की।
​१९९४: ४६ वर्षों के युद्ध के बाद इज़राइल और जॉर्डन के बीच अराबा (वादी अराबा) की दक्षिणी सीमा चौकी पर ऐतिहासिक वादी अराबा शांति संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस संधि पर इज़राइल के प्रधानमंत्री यित्ज़ाक राबिन और जॉर्डन के प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम अल-मजाली ने हस्ताक्षर किए थे, और अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन इसके साक्षी थे। इसके साथ ही मिस्र के बाद जॉर्डन इज़राइल के साथ शांति समझौता करने वाला दूसरा अरब देश बना था।
​१९९८: मध्य अमेरिकी देशों मैक्सिको, होंडुरास और निकारागुआ में इतिहास का उस समय तक का सबसे घातक तूफान ‘हुर्रिकन मिच’ आने से ११,००० से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग लापता हो गए थे। इससे सबसे भीषण तबाही होंडुरास और निकारागुआ में हुई, जहां पूरे के पूरे गांव मलबे और कीचड़ में दफन हो गए थे।
​१९९९: भारत के उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने आजीवन कारावास की अवधि के संदर्भ में स्पष्टता दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का अर्थ दोषी के प्राकृतिक जीवन के शेष हिस्से यानी मृत्यु तक जेल में रहना है। कानून (जैसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा ४७५ या पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ४३३-ए) के तहत यह प्रावधान है कि सरकार किसी कैदी की उम्रकैद की सजा को कम कर सकती है, लेकिन इसके लिए कैदी को कम से कम १४ वर्ष की वास्तविक जेल काटना अनिवार्य है। १४ वर्ष पूरे होने पर कोई भी कैदी अपने आप या कानूनी अधिकार के तौर पर बाहर नहीं आ सकता, यह केवल सरकार का विशेष अधिकार है।
​२००१: जापान सरकार ने मई १९९८ में भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षणों के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को आधिकारिक रूप से हटाने की घोषणा की थी। जापान ने मई १९९८ में भारत और पाकिस्तान के परमाणु परीक्षणों के विरोध में आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे।
​२००५: भारत और चीन ने आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए वर्ष २००६ को ‘भारत-चीन मैत्री वर्ष’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक फैसला किया था। यह निर्णय दोनों देशों के बीच राजनयिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से लिया गया था।
​२००६: भारत में ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, २००५’ लागू किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं को परिवार या घरेलू संबंधों के भीतर होने वाली शारीरिक, यौन, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक हिंसा से बचाना है। इसे संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद १३ सितंबर २००५ को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली थी और यह आज के दिन से पूरे भारत में प्रभावी हुआ था।
​२००६: इज़राइल के तत्कालीन आंतरिक सुरक्षा मंत्री एवि डिक्टर ने भारत के साथ हुए बराक मिसाइल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों की गहन जांच की मांग की थी। अक्टूबर २००६ में भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो ने साल २००० में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के कार्यकाल के दौरान इज़राइल से खरीदे गए ₹१,१६० करोड़ के बराक-१ मिसाइल सौदे में कथित रिश्वत और भ्रष्टाचार को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस और पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुशील कुमार सहित कई लोगों को नामजद किया गया था। भारत में एफआईआर दर्ज होने के बाद इज़राइल सरकार पर भी रक्षा कंपनियों (जैसे इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज) की कार्यप्रणाली को लेकर दबाव बढ़ा, जिसके कारण वहां के मंत्री ने इस मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जांच की वकालत की।
​२००७: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान ‘डिस्कवरी’ (एसटीएस-१२० मिशन) सफलतापूर्वक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर उतरा था। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष स्टेशन पर ‘हार्मनी’ नामक एक नए मॉड्यूल (कनेक्टिंग हब) को स्थापित करना था। यह अंतरिक्ष इतिहास में पहली बार था जब दो महिला कमांडर (पामेला मेलरॉय और आईएसएस की तत्कालीन कमांडर पैगी व्हिटसन) एक साथ अंतरिक्ष में मौजूद थीं।
​२००७: संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए उसकी सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और वहां के प्रमुख सरकारी बैंकों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिका ने ईरान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और परमाणु कार्यक्रम को गुप्त रूप से आगे बढ़ाने का आरोप लगाकर यह कार्रवाई की थी।
​२०१२: बर्मा (म्यांमार) के रखाइन राज्य में बौद्ध और रोहिंग्या मुस्लिम समुदायों के बीच भड़की हिंसक झड़पों में ६४ लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना जून २०१२ में शुरू हुए रखाइन राज्य दंगों का दूसरा सबसे बड़ा हिंसक दौर था, जो बहुसंख्यक रखाइन बौद्धों और अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमानों के बीच नस्लीय और धार्मिक तनाव के कारण भड़का था।
​२०१२: उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के फ़ारयाब प्रांत की राजधानी मायमना शहर की ईद गाह मस्जिद में ईद-उल-अज़हा की नमाज़ के दौरान एक भीषण आत्मघाती बम धमाका हुआ था। इस हमले में ४१ लोगों की मौत हो गई थी और ५० से अधिक लोग घायल हुए थे। मरने वालों में कई नागरिक, सुरक्षाकर्मी और बच्चे शामिल थे। हमलावर ने आत्मघाती जैकेट में भारी विस्फोटक और छर्रों का इस्तेमाल किया था ताकि ज़्यादा से ज़्यादा नुकसान पहुँचाया जा सके।
​२०१५: हिंदू कुश क्षेत्र (उत्तरी अफगानिस्तान) में इस दिन आए ७.५ तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में व्यापक तबाही हुई थी। इस आपदा में कुल मिलाकर लगभग ३९९ से अधिक लोगों की जान गई थी और २५३६ लोग घायल हुए थे।
​२०१६: ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े थीम पार्क ‘ड्रीमवर्ल्ड’ में २५ अक्टूबर के अंत और २६ अक्टूबर के शुरुआती समय के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था। पार्क की ‘थंडर रिवर रैपिड्स’ राइड में तकनीकी खराबी के कारण दो नावें आपस में टकरा गईं, जिसमें ४ पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
​२०१७: रूस का एक एमआई-८ हेलीकॉप्टर नॉर्वे के सुदूर आर्कटिक द्वीपसमूह स्वालबार्ड के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेलीकॉप्टर में कुल ८ रूसी नागरिक सवार थे (५ क्रू सदस्य और ३ वैज्ञानिक), जो इस हादसे के बाद लापता हो गए थे। बाद में चलाए गए खोज अभियान में कुछ शवों को बरामद किया गया था और सभी को मृत मान लिया गया।
​२०१७: जसिंदा अर्डर्न ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिससे वह १६१ वर्षों में देश की सबसे युवा नेता और दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला शासनाध्यक्ष बनी थीं।
​२०१७: फिनलैंड के रासबोर्ग में एक पैसेंजर ट्रेन और सैन्य ट्रक के बीच भीषण टक्कर हुई। इस दुर्घटना में तीन सैन्य रंगरूटों और एक ट्रेन यात्री सहित ४ लोगों की जान चली गई थी।
​२०१७: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पश्चिम में स्थित तंगेरंग में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट और आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम ४७ लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
​२०१८: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में किसानों के एक विशाल सम्मेलन ‘कृषि कुंभ २०१८’ का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया था, जिसका उद्देश्य कृषि में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना था। इस सम्मेलन के आधिकारिक भागीदार जापान और इजराइल थे।
​२०१९: चक्रवाती तूफान ‘हागिबीस’ के ठीक बाद जापान के चीबा और फुकुशिमा प्रांतों में भारी मूसलाधार बारिश के कारण भीषण बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम १० लोगों की मौत हो गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ।
​२०१९: इराक की राजधानी बगदाद और नसीरिया में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। इस दिन सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में १५ और प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जिससे उस समय तक कुल मौतों का आंकड़ा २२० से पार पहुंच गया था।
​२०१९: अमेरिकी विशेष बलों ने सीरिया के इदलिब प्रांत में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इस घेराबंदी के दौरान दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के सरगना अबू बक्र अल-बगदादी ने खुद को आत्मघाती जैकेट से उड़ा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
​२०२०: सीरिया के इदलिब प्रांत में एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर हुए रूस के हवाई हमले में ७५ से अधिक सीरियाई विद्रोहियों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह उस क्षेत्र में संघर्ष विराम के बाद का सबसे बड़ा हमला था।
​२०२१: इराक के दियाला प्रांत में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने एक गांव पर भीषण हमला किया। इस हिंसक हादसे में ११ निर्दोष लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
​२०२१: युगांडा के म्पिगी जिले में एक चलती बस में एआईडीएफ के आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस धमाके में १ व्यक्ति की मौत हुई और ३ लोग घायल हुए।
​२०२१: इटली के कैटेनिया शहर में भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से २ लोगों की मौत हो गई और शहर का बुनियादी ढांचा ठप हो गया।
​२०२१: ईरान के सरकारी गैस स्टेशनों के नेटवर्क पर एक बड़ा डिजिटल हमला (साइबर अटैक) हुआ। इससे सब्सिडी वाले फ्यूल कार्ड सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिससे पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और अराजकता की स्थिति पैदा हो गई।
​२०२१: भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रभाव कम हो रहा था, फिर भी इस दिन बीते २४ घंटों में १२,४२८ नए मामले और ३५६ मौतें दर्ज की गईं।
​२०२२: दीपावली की रात उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में रमेश नाम के व्यक्ति की झोपड़ी में जलता हुआ पटाखा आकर गिरने से अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से करीब २० बकरियां जिंदा जल गईं और घर का सारा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया।
​२०२२: झारखंड के रांची में एक बस के भीतर रखे दीपक से आग लग गई, जिसके कारण ड्राइवर और कंडक्टर की जिंदा जलने से मौत हो गई।
​२०२२: चेकिया गणराज्य के ओसिनी एयरफील्ड में एक टीएल-१३२ कोन्डोर अल्ट्रालाइट विमान लैंडिंग के समय क्रैश हो गया था, जिससे उसके ६२ वर्षीय पायलट की जान चली गई थी।
​२०२२: गुजरात का ऐतिहासिक मोरबी सस्पेंशन ब्रिज मरम्मत के बाद इसी दिन आम जनता के लिए फिर से खोला गया था।
​२०२३: महाराष्ट्र के बीड़ जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में १० लोगों की मौत हो गई थी और २६ से अधिक लोग घायल हुए थे। पहला हादसा (एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर): यह दुर्घटना बीड के धामनगांव से अहमदनगर की ओर वाले मार्ग पर हुई, जहाँ एक एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर में ४ लोगों की मौत हो गई। दूसरा हादसा (निजी बस पलटना): तड़के करीब ६ बजे मुंबई से बीड आ रही एक निजी बस आष्टी फाटा के पास बेकाबू होकर पलट गई। इस हादसे में ६ लोगों की जान चली गई और २६ लोग घायल हो गए।
​२०२३: भारत में कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर के पास बेंगलुरु-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-४४ पर धुंध के कारण एक तेज रफ्तार टाटा सूमो कार सड़क किनारे खड़े टैंकर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में मौके पर और इलाज के दौरान कुल १३ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
​२०२३: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के दाश्त-ए-बारची इलाके में एक स्पोर्ट्स क्लब (‘मेलाट बॉक्सिंग क्लब’) के भीतर जोरदार धमाका हुआ, जिसमें ४ लोगों की मौत हो गई और ७ अन्य घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली।
​२०२४: इज़राइल ने १ अक्टूबर २०२४ को ईरान द्वारा किए गए करीब २०० बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में इस दिन ईरान के सैन्य ठिकानों पर ‘ऑपरेशन डेज़ ऑफ़ रिपेंटेंस’ के तहत हवाई हमले किए थे। इन हमलों में उसके ४ ईरानी सैनिकों की मौत हुई थी।
​२०२४: सूडान के अल-गीजीरा प्रांत में रैपिड सपोर्ट फोर्सेस द्वारा किए गए हमले में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी, जिसमें अल-सिरेहा, तंबोल और आसपास के ३० से अधिक गांवों को निशाना बनाया गया था। इस मामले में ३०० से अधिक लोगों की जान चली गई।
​२०२४: ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में जैश अल-अदल संगठन के आतंकवादियों ने पुलिस वाहनों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें १० ईरानी पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई।
​२०२४: मेक्सिको के जाकाटेकास में एक बस और ट्रैक्टर-ट्रेलर के बीच भीषण टक्कर हो गई, जिसके बाद बस खाई में गिर गई। इस हादसे में १९ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
​२०२४: सोमालिया की राजधानी मोगादिशु के एक रेस्टोरेंट में अल-शबाब के आतंकवादियों ने बम विस्फोट किया, जिसमें ५ लोगों की मौत हो गई।
​२०२५: लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो की राजधानी किंशासा और किकवित के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-१ पर किबुबा गांव के पास एक खचाखच भरी यात्री बस और तेल (ईंधन) के टैंकर के बीच भीषण आमने-सामने की टक्कर हुई। इस टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस आगजनी में ३३ लोगों की जलकर मौत हो गई।
​२०२५: उत्तरी नाइजीरिया के कानो प्रांत में ज़ारिया-कानो राजमार्ग पर कासुवर डोगो क्षेत्र के पास एक बस और ट्रक के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। बस चालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने के कारण यह टक्कर हुई। टक्कर के कारण लगी आग ने दोनों वाहनों को चपेट में ले लिया, जिससे २१ लोगों की मौत हुई और कुछ अन्य घायल हो गए।
​२०२५: अर्जेंटीना के मिसिओनेस प्रांत में नेशनल रूट १४ पर सुबह घने कोहरे के कारण एक डबल-डेकर बस पुल से नीचे एक नदी में गिर गई। यह बस ओबेरा से प्युर्तो इगुआज़ु जा रही थी और इसमें ५० से अधिक यात्री सवार थे। इस हादसे में ९ यात्रियों की मौत हो गई और ३० से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
​२०२५: अमेरिका में संघीय सरकार के शटडाउन (सरकारी कामकाज बंद होने) और वेतन न मिलने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (एटीसी) की भारी कमी हो गई थी। इसके चलते लॉस एंजिल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संघीय उड्डयन प्रशासन ने सुबह एक अस्थायी ‘ग्राउंड स्टॉप’ (उड़ानें रोकने का आदेश) जारी किया था, जिससे वैश्विक हवाई यातायात प्रभावित हुआ।
​२६ अक्टूबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति~
​१७७५: बहादुर शाह ज़फ़र – भारत में मुग़लों के अंतिम सम्राट।
​१८७९: लियोन ट्रॉट्स्की – सोभियत संघ (रूस) के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और मार्क्सवादी विचारक।
​१८८६: गोदावरीश मिश्र – उड़ीसा के प्रसिद्ध समाज सुधारक, साहित्यकार और सार्वजनिक कार्यकर्ता।
​१८९०: गणेश शंकर विद्यार्थी – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता।
​१९१६: फ्रांस्वा मित्रो – फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति (लंबे समय तक सेवा करने वाले नेता)।
​१९१९: मोहम्मद रज़ा पहलवी – ईरान के आखिरी शाह (राजा)।
​१९२३: राम प्रकाश गुप्ता – ‘भारतीय जनता पार्टी’ के प्रसिद्ध नेता तथा उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश के राज्यपाल।
​१९२४: ठाकुर प्रसाद सिंह – भारत में नवगीत विधा के कवियों में से एक थे।
​१९३३: एस. बंगरप्पा – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ तथा कर्नाटक के भूतपूर्व १२वें मुख्यमंत्री थे।
​१९३७: हृदयनाथ मंगेशकर – भारत के प्रसिद्ध संगीतकार और लता मंगेशकर के भाई।
​१९४७: हिलारी क्लिंटन – अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला, सीनेटर और विदेश मंत्री।
​१९५४: लक्ष्मण बेर्डे – हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज कॉमेडी अभिनेता।
​१९५९: इवो मोरालेस – बोलिविया के पूर्व राष्ट्रपति।
​१९६७: कीथ अर्बन – मशहूर ऑस्ट्रेलियाई-अमेरिकी कंट्री सिंगर और संगीतकार।
​१९७१: प्रीति सिंह – भारतीय साहित्यकार, उपन्यासकार एवं सम्पादिका।
​१९७२: रवीना टंडन – बॉलीवुड की मशहूर और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री।
​१९७३: सेठ मैक्फार्लेन – अमेरिकी अभिनेता, एनिमेटर और ‘फैमिली गाय’ के निर्माता।
​१९७८: सीएम पंक – दुनिया के मशहूर प्रोफेशनल रेसलर और डब्ल्यूडब्ल्यूई सुपरस्टार।
​१९८५: असिन थोत्तुमकल – भारतीय अभिनेत्री (गजनी फेम बॉलीवुड और साउथ इंडियन फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री)।
​१९९१: अमला पॉल – दक्षिण भारतीय फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री।
​१९९५: मेघा आकाश – तमिल और तेलुगु फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री।
​२६ अक्टूबर को हुए प्रमुख निधन~
​८९९ ईस्वी: अल्फ्रेड द ग्रेट – वेसेक्स के राजा और एंग्लो-सैक्सन के प्रसिद्ध शासक।
​१८९०: कार्लो कोलोडी – प्रसिद्ध बच्चों की कहानी ‘पिनोकियो’ के इतालवी लेखक।
​१९०२: एलिजाबेथ कैडी स्टैंटन – अमेरिका की प्रसिद्ध महिला अधिकार कार्यकर्ता और लेखिका।
​१९४७: लॉर्ड लिटन द्वितीय – बंगाल के ब्रिटिश गवर्नर (१९२२-२७ ई.)।
​१९५२: हैटी मैकडैनियल – ‘ऑस्कर’ पुरस्कार जीतने वाली पहली अश्वेत अभिनेत्री।
​१९५५: दत्तात्रेय विष्णु पलुस्कर – भारत के बेहद प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत और भजन गायक, जिन्हें फिल्म ‘बैजू बावरा’ (१९५२) की ऐतिहासिक जुगलबंदी के लिए जाना जाता है।
​१९५६: बलराज भल्ला – प्रसिद्ध क्रांतिकारी तथा महात्मा हंसराज के पुत्र।
​१९८१: दत्तात्रेय रामचंद्र बेंद्रे – भारत के प्रसिद्ध कन्नड़ कवि और साहित्यकार।
​१९७२: इगोर सिकोरस्की – विमानन के क्षेत्र में आधुनिक ‘हेलीकॉप्टर’ के मुख्य संयुक्त राज्य अमेरिकी आविष्कारक।
​१९७९: पार्क चुंग-ही – दक्षिण कोरिया के तीसरे राष्ट्रपति।
​२०००: मन्मथनाथ गुप्त – भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने काकोरी कांड में भाग लिया था और बाद में एक क्रांतिकारी लेखक के रूप में प्रसिद्ध हुए।
​२०१९: रॉबर्ट इवांस – हॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता (प्रसिद्ध फिल्म ‘द गॉडफादर’)।
​२०२२: इस्माइल श्रॉफ – बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक, जिन्होंने ‘आहिस्ता आहिस्ता’, ‘बुलंदी’ और ‘सूर्या’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
​२०२३: बाबा महाराज सातारकर – महाराष्ट्र के बेहद प्रसिद्ध कीर्तनकार और आध्यात्मिक गुरु।
​२६ अक्टूबर के प्रमुख दिवस और ऐतिहासिक अवसर:
​इंटरसेक्स जागरूकता दिवस: यह दिन हर साल २६ अक्टूबर को इंटरसेक्स लोगों के अधिकारों, उनकी पहचान और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
​विलय दिवस (भारत): भारत में हर साल २६ अक्टूबर को विलय दिवस मनाया जाता है। यह दिवस १९४७ में इसी दिन जम्मू-कश्मीर के राजा हरि सिंह द्वारा भारत संघ में कश्मीर के विलय के समझौते पर हस्ताक्षर करने की याद में मनाया जाता है।

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