नई दिल्ली: भारत और विश्वभर में आज की महत्वपूर्ण घटनाएं, जानें आज ही के दिन जन्में महान हस्तियों और १८ मार्च को निधन होने वालों के बारे में।
इतिहास में हर दिन ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं जो आगे चलकर इतिहास बन जाती हैं और बाद में उसी दिन को ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाता है। यदि आप इतिहास में रुचि रखते हैं और इस विषय का अध्ययन करना चाहते हैं, तो इस लेख के माध्यम से जान सकते हैं। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा भी इस लेख के जरिए आज के इतिहास और इस दिन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं देश और दुनिया में १८ मार्च को हुई महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में।
भारत में १८ मार्च की ऐतिहासिक घटनाएं:
१९१९ में ब्रिटिश सरकार ने रौलेट एक्ट लागू किया था। इस कानून के तहत सरकार को बिना मुकदमे के किसी व्यक्ति को दो साल तक जेल में रखने का अधिकार मिल गया था। इस अधिनियम का पूरे देश में व्यापक विरोध हुआ और इसके खिलाफ कई आंदोलन हुए, जिनमें रौलेट सत्याग्रह भी शामिल था।
१९२२ में महात्मा गांधी को ब्रिटिश शासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन में उनकी भूमिका के लिए छह साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि बाद में उनकी सजा कम कर दी गई और वे लगभग दो साल बाद रिहा हुए।
१९७२ में आज ही के दिन भारत में पहली बार विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला १८ मार्च से ४ अप्रैल तक दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित हुआ था। इसमें २०० से अधिक प्रकाशकों ने भाग लिया था और इसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति वी. वी. गिरि ने किया था।
१८०१ में आज ही के दिन भारत में पहला हथियार निर्माण कारखाना स्थापित किया गया था।
१९७४ में प्रसिद्ध बंगाली लेखक बुद्धदेव बसु का निधन हुआ, जिन्होंने अपने साहित्यिक कार्यों से भारतीय साहित्य को समृद्ध किया।
विश्व में १८ मार्च की महत्वपूर्ण घटनाएं:
१६६२ में ब्लेज़ पास्कल ने पेरिस में पहली सार्वजनिक बस सेवा शुरू की, जिसने शहरी परिवहन व्यवस्था में एक नई क्रांति की शुरुआत की।
१९४० में एडॉल्फ हिटलर और बेनिटो मुसोलिनी ब्रेनर दर्रे पर मिले और फ्रांस तथा ब्रिटेन के खिलाफ गठबंधन को मजबूत किया। यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण मानी जाती है।
१९६५ में पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष चहलकदमी हुई। सोवियत अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी लियोनोव ने वोसखोद-२ मिशन के दौरान अंतरिक्ष में चलने वाले पहले व्यक्ति बनकर इतिहास रचा।
२००३ में ब्रिटिश संसद ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ इराक में सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के लिए मतदान किया, जिससे दुनिया भर में बहस और विवाद शुरू हो गया।
१८ मार्च को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति:
१८३७ – ग्रोवर क्लीवलैंड, जो अमेरिका के ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने दो गैर-लगातार कार्यकाल पूरे किए।
१८६९ – नेविल चेम्बरलेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री, जो नाजी जर्मनी के प्रति अपनी तुष्टिकरण नीति के लिए जाने जाते हैं।
१९३८ – शशि कपूर, प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और निर्माता, जिन्होंने हिंदी सिनेमा और रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
१९८९ – एडम लेविन, प्रसिद्ध गायक और मरून ५ बैंड के प्रमुख गायक।
१८ मार्च को हुए निधन:
१९३६ – फ्रेडरिक विलेम डी क्लार्क, दक्षिण अफ्रीकी राजनेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, जिन्हें रंगभेद समाप्त करने में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाता है।
१९७४ – बुद्धदेव बसु, प्रसिद्ध बंगाली लेखक और साहित्यकार।
२००७ – पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच बॉब वूल्मर, जिन्हें विश्व कप के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था।











