१३१ शर्तों से बोझिल बांग्लादेश और अमेरिका के बीच का विवादित व्यापार समझौता

bangladesh-trade-deal

ढाका: ​बांग्लादेश और अमेरिका के बीच हुआ हालिया व्यापार समझौता ढाका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक चुनौती बनकर उभरा है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा आम चुनाव से ठीक तीन दिन पहले, ९ फरवरी को गुपचुप तरीके से हस्ताक्षरित इस समझौते को अब बांग्लादेश के हितों के खिलाफ बताया जा रहा है। इस समझौते की सबसे विवादास्पद बात यह है कि इसमें बांग्लादेश पर १३१ कड़ी शर्तें लादी गई हैं, जबकि अमेरिका के लिए केवल ६ शर्तें ही अनिवार्य की गई हैं।
​समझौते के प्रावधानों के अनुसार, बांग्लादेश को अमेरिकी कृषि उत्पादों और डिजिटल सेवाओं को अपने बाजार में प्राथमिकता देनी होगी। साथ ही, बांग्लादेश अमेरिकी सामानों पर कोई नया कोटा या गैर-टैरिफ बाधाएं (जैसे लाइसेंसिंग या विशेष निरीक्षण) लागू नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, बौद्धिक संपदा अधिकारों और सेवा क्षेत्र में भी अमेरिकी कंपनियों को विशेष सुरक्षा प्रदान करना अनिवार्य कर दिया गया है। रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर भी बांग्लादेश को उन देशों से परमाणु रिएक्टर या संवर्धित यूरेनियम खरीदने से रोका गया है जो अमेरिकी हितों के लिए खतरा हो सकते हैं। इस एकतरफा समझौते को लेकर बांग्लादेश के भीतर व्यापक विरोध हो रहा है और इसे “गुलामी की संधि” करार देते हुए रद्द करने की मांग तेज हो गई है।

About Author

Advertisement