हर घंटे ९.५ करोड़ खर्च करें फिर भी ११५ साल तक खत्म नहीं होगें मस्क के पैसे

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​नई दिल्ली: ​अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क ने दौलत के मामले में एक नया इतिहास रच दिया है। स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद उनकी कुल संपत्ति बढ़कर करीब १.१ ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है और वह दुनिया के पहले ट्रिलेनियर (खर्बपति) बन गए हैं। इससे पहले फोर्ब्स ने उनकी संपत्ति करीब ७८० अरब डॉलर आंकी थी।
​मस्क की संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा उनकी कंपनी स्पेसएक्स में हिस्सेदारी से आता है, जिसकी अनुमानित वैल्यू करीब ८६६ अरब डॉलर बताई जा रही है। इसके अलावा टेस्ला, एक्स, न्यूरालिंक और द बोरिंग कंपनी में भी उनकी बड़ी हिस्सेदारी है।
​एआई और रोबोट के दौर में खत्म हो सकता है पैसों का महत्व
​इतनी बड़ी संपत्ति हासिल करने के बाद भी मस्क का मानना है कि भविष्य में पैसे की अहमियत कम हो सकती है। २०२६ ‘एबंडेंस समिट’ में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोट इंसानों की सभी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम हो सकते हैं।
​मस्क के अनुसार, एआई और रोबोट की बढ़ती क्षमता से उत्पादन इतना बढ़ सकता है कि कई चीजें बेहद आसानी से और बहुत सस्ती उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में “यूनिवर्सल हाई इनकम” जैसी स्थिति बन सकती है, जहां इंसानों के लिए पारंपरिक नौकरी और आय की अवधारणा पूरी तरह बदल जाएगी।
​काम करना जरूरी नहीं बल्कि एक विकल्प होगा
​उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में काम करना कोई मजबूरी नहीं बल्कि एक निजी विकल्प बन सकता है। मस्क की कंपनी टेस्ला इस दिशा में ‘ऑप्टिमस’ नामक ह्यूमनॉयड (इंसान जैसे) रोबोट पर तेजी से काम कर रही है और कंपनी का लक्ष्य २०३० तक १० लाख रोबोट तैनात करने का है।
​दुनिया के पहले ट्रिलेनियर बनने के बावजूद मस्क का फोकस अब केवल दौलत पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष, एआई और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों पर है, जिन्हें वह मानव सभ्यता के भविष्य के लिए सबसे अहम मानते हैं।

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