मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने की तीन लाख की ‘अनुवाद सेतु पुरस्कार’ की घोषणा
सोरेङ: सिक्किम के सोरेङ जिला अंतर्गत जौंटार खेल मैदान में २१२वां राष्ट्रीय स्तरीय भानु जयंती समारोह अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हो गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उनकी धर्मपत्नी शारदा तमांग ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि राज्य स्तरीय आयोजनों को राजधानी से बाहर ग्रामीण जिलों में आयोजित करने के पीछे सरकार की सोच स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचानना तथा उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने आदिकवि भानुभक्त आचार्य को श्रद्धांजलि देते हुए नेपाली भाषा और साहित्य के विकास में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया और उनकी कालजयी कविता ‘घांसी’ का पाठ कर युवाओं को विनम्रता, श्रम की गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने नेपाली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी और पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती दिलकुमारी भंडारी के योगदान के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की कि आगामी वर्ष से नेपाली साहित्य और अनुवाद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक विशिष्ट साहित्यकार को हर साल भानु जयंती के अवसर पर तीन लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र के साथ ‘अनुवाद सेतु पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष का राष्ट्रीय स्तर का भानु जयंती समारोह पाक्योङ जिले में आयोजित किया जाएगा और जिला प्रशासन को अभी से इसकी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अवसर पर आयोजन समिति के मुख्य संयोजक सी.पी. शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की, वहीं आदिकवि भानुभक्त आचार्य की पांचवीं पीढ़ी के वंशज डॉ. विधान आचार्य ने नेपाली भाषा के संवर्धन के लिए सिक्किम सरकार के प्रयासों के प्रति आभार जताया। समारोह के दौरान सिक्किम विश्वविद्यालय और कंचनजंघा राज्य विश्वविद्यालय के बीच ‘क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मानव जाति के हित में है?’ विषय पर एक बेहद रोचक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सिक्किम विश्वविद्यालय ने जीत हासिल की और मंदिरा रावत सर्वश्रेष्ठ वक्ता चुनी गईं। इस ऐतिहासिक अवसर पर असम नेपाली साहित्य सभा के शब्दकोश और किशन दहाल की पुस्तक का विमोचन किया गया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले १९ समुदायों के प्रतिनिधियों, युवा मुक्केबाज सोनिया सुब्बा और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर शालिनी क्षेत्री को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिलापाल धीरज सुवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह का सफल समापन हुआ।










