नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की घोषणा की। कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिवक्ता और चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
नई नियुक्तियों में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहन, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली शामिल हैं।
इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या ३४से बढ़ाकर 38 की गई थी। ऐसे में अब शीर्ष अदालत में केवल एक पद रिक्त है।
न्यायपालिका में बढ़ते मामलों के बोझ और लंबित मुकदमों के तेजी से निपटारे को ध्यान में रखते हुए यह नियुक्तियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। नए न्यायाधीशों के शामिल होने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ने और मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न उच्च न्यायालयों से आए अनुभवी मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति से सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।










