सिलीगुड़ी: ‘सोरासोरी शंकर’ कार्यक्रम में फूटा जनता का दर्द

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भूमि कब्जा, अवैध निर्माण और पुलिस की निष्क्रियता पर दर्ज कराई शिकायतें

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के मार्गरेट (एस.एन.) इंग्लिश स्कूल के मैदान में रविवार को आयोजित जन शिकायत निवारण कार्यक्रम ‘सोरासोरी शंकर’ में भूमि हड़पने (लैंड ग्रैबिंग), अवैध निर्माण और पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ शिकायतों का अंबार लग गया। विभिन्न वार्डों से आए सैकड़ों नागरिकों ने स्थानीय विधायक और राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष के समक्ष अपनी गंभीर चिंताएं और समस्याएं रखीं।
​कार्यक्रम के दौरान कई शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रभावशाली व्यक्तियों और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के संरक्षण में निजी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। इसके अलावा, नियमों और नगर निगम के दिशानिर्देशों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण कार्यों को लेकर भी लोगों ने भारी नाराजगी जताई।
​भूमि विवादों के अलावा, नागरिकों ने तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेताओं और पूर्व पार्षदों (काउंसिलरों) पर सीधे आरोप लगाए। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि राजनीतिक रसूख और शह के कारण विभिन्न इलाकों में अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण कार्य बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं। विशेष रूप से प्रधान नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों से पुलिस की निष्क्रियता को लेकर कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गईं।
​जनता की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद मंत्री-विधायक शंकर घोष ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में ‘सोरासोरी शंकर’ कार्यक्रम के आगामी संस्करण प्रधान नगर, भक्ति नगर और सिलीगुड़ी पुलिस थानों के निकट आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में पुलिस कर्मियों को भी अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा जाएगा ताकि वे सीधे जनता की शिकायतें सुन सकें और उन पर त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें बिना किसी डर के सीधे पुलिस में भी दर्ज कराएं।

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