दो हार्डकोर उग्रवादियों समेत चार गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
तिनसुकिया: केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों के एक संयुक्त और सटीक ऑपरेशन के बाद असम पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट’ (उल्फा-आई) की एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। तिनसुकिया जिला पुलिस ने रविवार को बताया कि इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
तिनसुकिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयंक कुमार ने मीडिया को बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर २६ जून को लेखापानी थाना क्षेत्र के जागुन में एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान उल्फा (आई) के दो सक्रिय कैडरों को दबोचा गया। जिनकी पहचान स्वघोषित सेकेंड लेफ्टिनेंट ‘सियोर आसोम’ उर्फ ह्यूमनज्योति बरुआ (२७) और स्वघोषित सेकेंड लेफ्टिनेंट ‘मनोज आसोम’ उर्फ पापु मोरन (३०) के रूप में हुई है। ये दोनों २०१८ में संगठन में शामिल हुए थे और कई आतंकी घटनाओं में वांछित थे।
तिनसुकिया शहर को दहलाने की थी साजिश
एसपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार उग्रवादियों ने खुलासा किया कि वे तिनसुकिया शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में आम नागरिकों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी और ग्रेनेड हमले करने की योजना बना रहे थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस संभावित आतंकी हमले को टाल दिया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने उनके पास से दो एके-सीरीज राइफल, १७२ राउंड जिंदा कारतूस, दो ग्रेनेड, बैकपैक, लॉजिस्टिक्स सामान, दवाएं और नकदी जब्त की है।

मददगारों पर भी कसा शिकंजा
उग्रवादियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक और छापेमारी कर उन्हें रसद और वाहन सहायता प्रदान करने के आरोप में पानिटोला निवासी बिटु बोरा और कल्प बोरा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, बिटु बोरा की स्विफ्ट कार (एआर-२०ए-५८९२) का इस्तेमाल इन उग्रवादियों द्वारा किया जा रहा था। वहीं, ऑल असम मटक युवा छात्र परिषद के सह-महासचिव कल्प बोरा पर उल्फा (आई) को प्रत्यक्ष समर्थन देने का आरोप है। पूछताछ में दोनों ने कबूला कि यह कार उल्फा (आई) के वरिष्ठ नेता ‘आइसेंग असम’ के निर्देश पर खरीदी गई थी। इस खुलासे के बाद पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।









