सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के मंत्री शंकर घोष ने सिलीगुड़ी की दुर्गा पूजा समितियों द्वारा उत्सव के दौरान डीजे का उपयोग न करने की सराहना की है। उन्होंने समितियों से आग्रह किया है कि वे आने वाले वर्षों में भी इसी जागरूकता को बनाए रखें। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे काली पूजा और दीपावली के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों का उपयोग करने से बचें।
शनिवार को ‘हिमालयन नेचर एंड एडवेंचर फाउंडेशन’ ने काली पूजा और दीपावली के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री शंकर घोष को एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया था।
संगठन ने मांग की थी कि विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों द्वारा डीजे संगीत से बचने की जो पहल इस बार की गई है, वह आगे भी जारी रहनी चाहिए। मंत्री ने समितियों के इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और उनसे इस प्रथा को बनाए रखने का आग्रह किया।
मंत्री शंकर घोष ने कहा कि तेज आवाज वाले पटाखों को विनियमित करने के लिए पहले ही कई दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और उनका पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाले पटाखों से दूर रहने की अपील की और चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





