डायलिसिस बेड की संख्या दोगुनी करने का निर्णय
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी जिला अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह से ‘कागज रहित’ (पेपरलेस) सुविधा में परिवर्तित किया जाएगा। बुधवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक के बाद पर्यटन मंत्री डा. शंकर घोष ने यह जानकारी दी।
बैठक में अस्पताल की डायलिसिस सेवाओं को लेकर भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। डायलिसिस विभाग में बेडों की संख्या, जो वर्तमान में ५ है, उसे बढ़ाकर १० किया जाएगा। इस कदम से किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस सेवाओं पर पड़ने वाला दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा, बैठक में अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या से निपटने और मरीजों व उनके परिजनों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की गई।
मंत्री डा. घोष ने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) और अस्पताल अधीक्षक के साथ अस्पताल की भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इलाज करा रहे बच्चों को अधिक आरामदायक और बेहतर माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से अस्पताल के बाल रोग विभाग को पूरी तरह से वातानुकूलित (एसी) बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, सिलीगुड़ी जिला अस्पताल को अधिक आधुनिक, तकनीक-संचालित और मरीज-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।








