शाह को साथ लेकर शुभेंदु ने नामांकन दाखिल किया, सुनहरे बंगाल के निर्माण का आह्वान

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कोलकाता(शुभाशिष विश्वास): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति उतनी ही गरम होती जा रही है। सोमवार से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो ६ अप्रैल तक चलेगी।
इसी परिप्रेक्ष्य में गुरुवार को भवानीपुर क्षेत्र से प्रत्याशी के रूप में शुभेंदु अधिकारी ने नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उपस्थित थे।
नामांकन से पहले अमित शाह ने हाजरा मोड़ पर एक जनसभा को संबोधित किया। वहां से उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि मतदान से पहले वे अगले पंद्रह दिन पश्चिम बंगाल में ही रहेंगे और शुभेंदु के नामांकन के कारण ही उनका यह दौरा है।
इसके बाद उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी पहले केवल नंदीग्राम क्षेत्र से ही चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनके आग्रह पर ही उन्होंने भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनने का निर्णय लिया। उन्होंने आगे कहा, “ममता के घर में घुसकर उन्हें हराना होगा। पिछली बार ममता बनर्जी ने राज्य में सरकार तो बनाई थी, लेकिन नंदीग्राम में शुभेंदु से हार गई थीं। इस बार वे पूरे राज्य के साथ-साथ भवानीपुर में भी हारेंगी।
अमित शाह ने आगे दावा किया, “इस बार बंगाल में १७० सीटें प्राप्त करनी होंगी, तभी परिवर्तन संभव होगा। हालांकि एक आसान रास्ता भी है—भवानीपुर की एक सीट हारते ही परिवर्तन की शुरुआत हो जाएगी।
इसके बाद उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए कहा, “बंगाल के लोग अवैध वसूली, गुंडाराज और महिलाओं की असुरक्षा से परेशान हैं। घुसपैठियों के कारण जनसंख्या का संतुलन बदल रहा है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से भी लोग त्रस्त हैं। इसलिए बंगाल के लोग परिवर्तन चाहते हैं। घुसपैठियों को खोज-खोजकर राज्य से बाहर किया जाएगा। हम सुनहरा बंगाल बनाना चाहते हैं।
उन्होंने बंगाल के लोगों से अपील की, “बंगाल के कोने-कोने से एक ही आवाज उठे—सरकार बदल दीजिए, ममता बनर्जी को विदा कर दीजिए।
इसके बाद हाजरा से दल की रैली शुरू हुई। रैली जब कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री के निवास के पास पहुंची, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। तृणमूल समर्थकों ने सिर पर काला कपड़ा बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाने लगे।
दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिससे स्थिति तेजी से तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान अमित शाह रैली छोड़कर अपने काफिले के साथ वहां से निकल गए और अन्य स्थान के लिए रवाना हो गए।
अमित शाह के घटनास्थल छोड़ने के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और पुलिस के साथ भी टकराव की स्थिति बन गई।
इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर क्षेत्र के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन करने के बाद वे भवन से बाहर आए। उनके साथ राज्य दल के अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य और अमित शाह भी मौजूद थे।
हालांकि उस दिन के विरोध प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी नहीं करते हुए अमित शाह ने एक बार फिर “सुनहरा बंगाल” बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “इस बार बंगाल के लोग तृणमूल को सत्ता से हटाएंगे। सरकार बनने के बाद हम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का सुनहरा बंगाल बनाएंगे।
अंत में उन्होंने दावा किया कि २०२६ के चुनाव में बंगाल में परिवर्तन अवश्यंभावी है।

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