विश्व कप फाइनल के बाद झड़प पर फीफा की सख्त कार्रवाई

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पेरेदेस पर १० मैचों का प्रतिबंध, एएफए पर भारी जुर्माना

नई दिल्ली: विश्व कप २०२६ के फाइनल में स्पेन के हाथों १-० से मिली हार के बाद मैदान पर हुई झड़प के मामले में फीफा ने अर्जेंटीना के खिलाड़ियों और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
​फीफा ने अर्जेंटीना के मिडफील्डर लियांड्रो पेरेदेस पर १० मैचों का प्रतिबंध लगाया है। विश्व कप के इतिहास में यह अब तक की सबसे सख्त सजाओं में से एक है। मैच के बाद हुई हाथापाई के दौरान पेरेदेस ने स्पेन के एरिक गार्सिया का गला पकड़ा था और गावी को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया था। इस प्रतिबंध के कारण पेरेदेस जून २०२७ तक अर्जेंटीना के लिए कोई मैच नहीं खेल पाएंगे।
​इसके अलावा, डिफेंडर नाहुएल मोलिना पर ७ मैचों और थियागो अल्माडा पर १ मैच का बैन लगाया गया है। फीफा ने पेरेदेस और मोलिना पर ९०-९० हजार डॉलर तथा अल्माडा पर ३० हजार डॉलर का जुर्माना भी ठोका है। अर्जेंटीना के कोचिंग स्टाफ सदस्य रोबर्टो अयाला पर ३ मैचों का प्रतिबंध और ३० हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, स्पेन के मिडफील्डर गावी पर १ मैच का बैन लगा है, जिससे वह २६ सितंबर को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले से बाहर रहेंगे।
​फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) पर कुल १.१० लाख डॉलर का जुर्माना लगाया है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर जीत के बाद खिलाड़ियों द्वारा फ़ॉकलैंड द्वीप से जुड़े राजनीतिक बैनर लहराने और प्रशंसकों द्वारा भेदभावपूर्ण नारेबाजी करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। एएफए को इसमें से १ लाख डॉलर नस्लवाद विरोधी परियोजनाओं पर खर्च करने का आदेश दिया गया है। एएफए ने कहा है कि उनका कानूनी विभाग फीफा की अपील समिति और आवश्यकता पड़ने पर खेल मध्यस्थता अदालत (सीएएस) का दरवाजा खटखटाएगा।
​उल्लेखनीय है कि न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेले गए फाइनल मुकाबले में फेरान टोरेस के गोल की बदौलत स्पेन ने अर्जेंटीना को १-० से हराकर विश्व कप का खिताब जीता था।

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