न्यूयोर्क: बहुप्रतीक्षित फीफा वर्ल्ड कप २०२६ की शुरुआत कल (गुरुवार) भारतीय समयानुसार देर रात से होगी। इस टूर्नामेंट का आयोजन अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा संयुक्त रूप से कर रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-स्पोर्टिंग इवेंट के रूप में जाने जाने वाले इस टूर्नामेंट की चमक केवल मैदान तक ही सीमित नहीं है। इसकी रिकॉर्ड तोड़ पुरस्कार राशि (प्राइज मनी) भी चर्चा का विषय बनी हुई है। फीफा (फेडरेशन इंटरनेशनल डी फुटबॉल एसोसिएशन) ने इस बार पुरस्कार राशि में भारी बढ़ोतरी की है। इसी वजह से फुटबॉल और भारत में सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट के बीच का आर्थिक अंतर पहले से कहीं अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
कतर में हुए फीफा वर्ल्ड कप के पिछले संस्करण की कुल पुरस्कार राशि ४४० मिलियन डॉलर थी, लेकिन २०२६ के संस्करण में इसे बढ़ाकर ६५५ मिलियन डॉलर (लगभग ६२४० करोड़ रुपये) कर दिया गया है। टूर्नामेंट में चैंपियन बनने वाली टीम को इस बार ५० मिलियन डॉलर (लगभग ४७६ करोड़ रुपये) मिलेंगे। केवल यह राशि ही कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की कुल पुरस्कार राशि से कहीं अधिक है। फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में उपविजेता (रनर-अप) रहने वाली टीम को ३३ मिलियन डॉलर (लगभग ३१४ करोड़ रुपये) प्राप्त होंगे। इसी तरह, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को २९ मिलियन डॉलर (लगभग २७६ करोड़ रुपये) और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को २७ मिलियन डॉलर (लगभग २५७ करोड़ रुपये) दिए जाएंगे।
फीफा शीर्ष ४ से बाहर रहने वाली टीमों पर भी धन की वर्षा करेगा। पांचवें से आठवें स्थान पर रहने वाली टीमों को १९-१९ मिलियन डॉलर (लगभग १८१ करोड़ रुपये) मिलेंगे। वहीं, नौवें से १६वें स्थान पर रहने वाली टीमों को १५-१५ मिलियन डॉलर (लगभग १४३ करोड़ रुपये) प्रदान किए जाएंगे। १७वें से ३२वें स्थान पर रहने वाली टीमों को ११-११ मिलियन डॉलर (लगभग १०५ करोड़ रुपये) मिलेंगे। इसके अलावा, ३३वें से ४८वें स्थान पर रहने वाली टीमों को भी ९-९ मिलियन डॉलर (लगभग ८६ करोड़ रुपये) दिए जाएंगे।
फीफा का आर्थिक ढांचा केवल प्रदर्शन आधारित पुरस्कारों तक ही सीमित नहीं है। टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाली प्रत्येक टीम को १० मिलियन डॉलर की क्वालीफिकेशन राशि और २.५ मिलियन डॉलर की तैयारी सहायता (प्रिपरेशन ग्रांट) भी प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, यदि कोई टीम ग्रुप चरण में ही बाहर हो जाती है और अंतिम स्थान पर भी रहती है, तो उसे कुल २१.५ मिलियन डॉलर (लगभग २०५ करोड़ रुपये) प्राप्त होंगे। इस बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली कोई भी टीम खाली हाथ नहीं लौटेगी। कुल मिलाकर, ४८ टीमों के बीच लगभग ८७१… मिलियन डॉलर (लगभग ८२९९ करोड़ रुपये) वितरित किए जाएंगे।
इस तरह, फुटबॉल वर्ल्ड कप की तुलना में क्रिकेट वर्ल्ड कप की पुरस्कार राशि बहुत कम लगती है। क्रिकेट में वनडे वर्ल्ड कप को सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है। भारत में खेले गए २०२३ क्रिकेट वर्ल्ड कप की कुल पुरस्कार राशि १० मिलियन डॉलर (लगभग ८३.२९ करोड़ रुपये) थी। यानी, फीफा वर्ल्ड कप में अंतिम स्थान पर रहने वाली टीम को मिलने वाली राशि भी क्रिकेट वर्ल्ड कप की कुल पुरस्कार राशि से अधिक है। फीफा वर्ल्ड कप की यह विशाल पुरस्कार राशि इस बात का प्रमाण है कि फुटबॉल का वैश्विक बाजार कितना बड़ा है।










