मस्को: रूस ने शनिवार को नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में ‘विजय दिवस’ (विक्ट्री डे) मनाया। मॉस्को के रेड स्क्वायर पर आयोजित भव्य सैन्य परेड में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध को ‘न्यायसंगत’ करार देते हुए नाटो को यूक्रेन में एक आक्रामक ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को नाटो गुट से मिल रहे हथियारों और समर्थन के बावजूद रूसी सैनिक देश के भविष्य के लिए साहसपूर्वक लड़ रहे हैं।
विशेष बात यह रही कि इस बार की परेड में बैलिस्टिक मिसाइलों और बख्तरबंद वाहनों का प्रदर्शन नहीं किया गया, जिसे हाल के वर्षों की सबसे सादगी भरी परेड माना जा रहा है। पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि सोवियत सैनिकों का बलिदान आज के विशेष सैन्य अभियान के नायकों को प्रेरित करता है। यह परेड ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों का युद्धविराम (९ से ११ मई) शुरू हुआ है। इस कार्यक्रम में बेलारूस के नेता लुकाशेंको, लाओस के राष्ट्रपति और मलेशिया के राजा भी मौजूद रहे। ट्रंप के अनुसार, इस युद्धविराम के दौरान दोनों देशों के बीच १०००-१००० कैदियों की अदला-बदली भी की जाएगी।










