कोलकाता: पश्चिम बंगाल में रियल एस्टेट क्षेत्र को पुनः गति प्रदान करने, कारोबार को आसान बनाने और निवेश के माहौल को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतिगत पहलों का क्रेडाई (कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) वेस्ट बंगाल ने गर्मजोशी से स्वागत किया है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि के बाद सबसे बड़े रोजगार प्रदाता के रूप में रियल एस्टेट क्षेत्र का योगदान महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र सालाना रु २०,००० करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करता है और राज्य के राजस्व में रु ७,५०० करोड़ का योगदान देने के साथ-साथ ६० लाख लोगों की आजीविका का जरिया है।
हाल ही में सरकारी ऑडिट के दौरान चिन्हित की गई २७ अवैध परियोजनाओं पर क्रेडाई ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इनमें क्रेडाई का कोई भी सदस्य शामिल नहीं है। संगठन के अनुसार, रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के नियमों का कड़ाई से पालन करने वाले बिल्डरों को ही सदस्यता दी जाती है। क्रेडाई वेस्ट बंगाल के अध्यक्ष सुशील मोहाता ने बताया कि भवन सुरक्षा के लिए प्रस्तावित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और लंबित ५९० परियोजनाओं में से लगभग ६० प्रतिशत को जल्द मंजूरी देने की सरकारी प्रतिबद्धता से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।
क्रेडाई ने घर खरीदारों को सलाह दी है कि वे केवल रेरा-पंजीकृत परियोजनाओं में ही निवेश करें। इसके अलावा, उपभोक्ता संरक्षण के नाम पर डेवलपर्स से होने वाली अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग पर भी क्रेडाई ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।










