ललितपुर: वर्षा और सहकाल के देवता माने जाने वाले रातो मच्छिन्द्रनाथ की ऐतिहासिक ‘भोटो जात्रा’ रविवार को जावलाखेल में भव्य रूप से संपन्न हो गई। मच्छिन्द्रनाथ के रथ को ललितपुर के थटिटोल से जावलाखेल पहुँचाए जाने के चौथे दिन राष्ट्रप्रमुख की गरिमामयी उपस्थिति में यह पारंपरिक उत्सव मनाया गया।
समारोह में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने जावलाखेल पहुँचकर ऐतिहासिक एवं बहुमूल्य रत्नजड़ित ‘भोटो’ का अवलोकन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव, प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह, गृहमंत्री सुधन गुरुङ, ललितपुर महानगरपालिका के प्रमुख चिरीबाबु महर्जन, संवैधानिक निकायों के प्रमुखों तथा सुरक्षा निकायों के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति रही। जात्रा के विशेष अवसर पर जीवित देवी कुमारी ने राष्ट्रपति पौडेल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों को टीका और प्रसाद प्रदान किया।
लिच्छविकाल से ही निरंतर मनाए जाने वाले इस उत्सव का विशिष्ट सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्त्व है। बहुमूल्य हीरा, जवाहरात और माणिक्य से जड़ित उस पवित्र भोटो को गुठी संस्थान के अधिकारियों ने रथ के चारों कोनों से आम जनता के समक्ष प्रदर्शित किया। वर्ष में केवल एक बार होने वाले इस प्रदर्शन को देखने के लिए जावलाखेल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। भोटो प्रदर्शन के साथ ही काठमांडू घाटी की सबसे लंबी और ऐतिहासिक मानी जाने वाली रातो मच्छिन्द्रनाथ की यह रथयात्रा इस वर्ष के लिए औपचारिक रूप से संपन्न हो गई है।









