नई दिल्ली: मेजबान अमेरिका ने फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में एकतरफा जीत के साथ अपने अभियान का बेहद दमदार आगाज किया है। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में शनिवार सुबह खेले गए इस मुकाबले में घरेलू टीम अमेरिका ने पैराग्वे को ४-१ के बड़े अंतर से धूल चटा दी। पूरे मैच में अमेरिकी टीम का ही दबदबा देखने को मिला और पैराग्वे की टीम गोल करने के मौके बनाने के लिए लगातार जूझती नजर आई। वर्ल्ड कप के इतिहास में इसे अमेरिकी टीम का अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
अमेरिका की इस ऐतिहासिक जीत में फोलारिन बालोगुन ने दो और जियोवानी रेयना ने एक गोल दागा, जबकि एक गोल आत्मघाती (ओन गोल) रहा। वहीं पैराग्वे की तरफ से मौरिसियो ने एकमात्र सांत्वना गोल किया। मैच के शुरुआती सातवें मिनट में ही अमेरिका को उस वक्त बड़ी बढ़त मिल गई, जब वेस्टन मैकेनी के एक तेज शॉट को रोकने के चक्कर में पैराग्वे के डिफेंडर डेमियन बोबाडिला अपने ही गोल पोस्ट में गेंद दे बैठे। इसके बाद ३१वें मिनट में फोलारिन बालोगुन ने एक और शानदार गोल दागकर अमेरिका की बढ़त को दोगुना कर दिया। पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में फोलारिन ने फिर से अपना जलवा दिखाया और व्यक्तिगत दूसरा गोल करते हुए स्कोरलाइन को ३-० पर पहुंचा दिया।
दूसरे हाफ में भी अमेरिकी टीम ने पैराग्वे के डिफेंस पर अपने हमले जारी रखे। हालांकि, इस बीच ७१वें मिनट में पैराग्वे के मौरिसियो ने एक गोल दागकर अपनी टीम का खाता खोला और मैच में वापसी की थोड़ी उम्मीद जगाई। लेकिन मैच के आखिरी पलों में अमेरिका ने पैराग्वे की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंजरी टाइम के आठवें मिनट में जियोवानी रेयना ने एक बेहतरीन गोल दागकर अमेरिका की ४-१ से जीत पक्की कर दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही अमेरिका ३ अंकों के साथ ग्रुप-डी के टॉप पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि इस ग्रुप में अमेरिका और पैराग्वे के साथ ऑस्ट्रेलिया और तुर्की की टीमें भी शामिल हैं।










