शिलांग: मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) सरकार के तहत चल रही न्यू शिलांग टाउनशिप (एनएसटी) जल आपूर्ति परियोजना की लागत ३२१ करोड़ रुपये से बढ़कर ७७० करोड़ रुपये हो जाने पर हाइनियट्रेप यूथ काउंसिल (एचवाईसी) ने सरकार की कड़ी आलोचना की है।
परिषद का आरोप है कि लगभग ४५० करोड़ रुपये की यह वृद्धि वित्तीय कुप्रबंधन, कमजोर योजना, प्रशासनिक अक्षमता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी का परिणाम है।
एचवाईसी के अध्यक्ष रॉय कूपर सिनरेम के अनुसार, ‘२०१४ में ३२१ करोड़ रुपये में परिकल्पित परियोजना का ७७४ करोड़ रुपये तक पहुंचना अस्वीकार्य है। सरकार द्वारा प्रारंभिक अनुमान सही ढंग से न लगाए जाने की बात स्वीकार करना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।”
परिषद ने परियोजना की लागत वृद्धि के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग करते हुए यह सवाल उठाया कि स्वीकृति से पहले उचित व्यवहार्यता अध्ययन और योजना क्यों नहीं बनाई गई।
एचवाईसी ने कहा कि जब मेघालय के लोग बेरोजगारी, खराब सड़कों, पानी की कमी, अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब इस तरह की लागत वृद्धि बेहद चिंताजनक है। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सिनरेम ने कहा, “सार्वजनिक धन सरकार या ठेकेदार की निजी संपत्ति नहीं है। कुप्रबंधन के कारण बर्बाद होने वाला हर रुपया जनता के साथ सीधा विश्वासघात है।”
अंत में, एचवाईसी ने राज्य सरकार से सार्वजनिक धन के जिम्मेदार उपयोग, पारदर्शिता और सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।









