नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मतदान जारी रहने के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयोग किया जा रहा है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के नाम पर यदि लोगों के मताधिकार पर ही प्रश्न उठने लगें, तो फिर चुनाव कराने का औचित्य ही क्या रह जाता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी कार्यशैली के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में चल रही मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे लगातार विवाद का विषय बने हुए हैं, जिससे चुनावी माहौल अत्यधिक ध्रुवीकृत हो गया है।
इससे पहले भी कपिल सिब्बल ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि वह निष्पक्षता के बजाय एकपक्षीय दृष्टिकोण से कार्य कर रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मतदान के बीच इस प्रकार के बयानों से चुनावी बहस और अधिक तीखी होती जा रही है तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।









