बीजिंग: चीन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई जारी रखते हुए दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, वेई फेंगहे और ली शांगफू को मौत की सजा सुनाई है। सैन्य अदालत ने वेई को रिश्वत लेने और ली को रिश्वत लेने व देने, दोनों ही मामलों में दोषी पाया है। हालांकि अदालत ने इस सजा पर फिलहाल दो साल की मोहलत दी है जिसके बाद इसे उम्रकैद में तब्दील कर दिया जाएगा। इस सजा के तहत उन्हें भविष्य में किसी भी तरह की पैरोल या सजा में छूट का लाभ नहीं मिल सकेगा और उनकी सभी निजी संपत्तियां भी जब्त कर ली गई हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा २०१२ में शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के बाद से सेना के शीर्ष अधिकारियों को दी गई यह अब तक की सबसे बड़ी सजा मानी जा रही है। वेई फेंगहे ने २०१८ से २०२३ तक और ली शांगफू ने २०२३ में कुछ महीनों के लिए रक्षा मंत्री का पद संभाला था। जांच के दौरान वेई पर कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति “निष्ठाहीन” होने और विश्वासघात करने के आरोप भी सिद्ध हुए हैं। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार इन दोनों नेताओं को पहले ही कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है और अब अदालत के इस फैसले ने सैन्य भ्रष्टाचार के प्रति बीजिंग के सख्त रुख को स्पष्ट कर दिया है।









