भूस्खलन की चुनौतियों के बावजूद ‘टॉय ट्रेन’ ने मई और जून में की रिकॉर्ड तोड़ ऐतिहासिक कमाई

Toy-Train

सिलीगुड़ी: विश्व प्रसिद्ध दार्जिलिंग留 हिमालयन रेलवे (डीएचआर) ने यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं और भौगोलिक चुनौतियां भी इस ऐतिहासिक ‘टॉय ट्रेन’ की लोकप्रियता को कम नहीं कर सकतीं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार होने वाले भूस्खलन और मार्ग अवरोध के बावजूद, इस हेरिटेज रेलवे ने मई और जून २०२६ के महीनों में अब तक का सबसे अधिक राजस्व एकत्र करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
शनिवार को सुकना रेलवे स्टेशन पर आयोजित १४५वें विश्व धरोहर टॉय ट्रेन दिवस के अवसर पर डीएचआर के निदेशक ऋषभ चौधरी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
​इस अवसर पर बोलते हुए निदेशक ऋषभ चौधरी ने कहा कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच दार्जिलिंग टॉय ट्रेन का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि टॉय ट्रेन ने मई २०२६ में लगभग ३.९५ करोड़ रुपये का ऐतिहासिक राजस्व उत्पन्न किया था, जबकि जून में यह रिकॉर्ड भी टूट गया और लगभग ३.९८ करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो अब तक का एक नया सर्वकालिक रिकॉर्ड है।
​ऐतिहासिक दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे ने ०४ जुलाई १८८१ को सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग के लिए अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। टॉय ट्रेन के इसी ऐतिहासिक महत्व को याद करने के लिए नॉर्थ बंगाल पेंटर्स एसोसिएशन की पहल पर सुकना रेलवे स्टेशन पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उत्सव में कला, संस्कृति और विरासत संरक्षण का एक अनूठा संगम देखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में कलाकारों, छात्रों और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। इस दौरान सिट-एंड-ड्रॉ प्रतियोगिताएं, लाइव पेंटिंग सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जागरूकता अभियान आयोजित किए गए।
​निदेशक ने आगे कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार होने वाला भूस्खलन टॉय ट्रेन सेवा के संचालन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए नेशनल हाईवेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के साथ चर्चा की गई है। आने वाले समय में डीएचआर और एनएचआईडीसीएल मार्ग की बाधाओं को दूर करने और इस ऐतिहासिक रेलवे सेवा का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

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