​भारत की ७७ सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में नीरज के स्थान पर यशवीर शामिल

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​नई दिल्ली: एशियाई खेल २०२६ में भारत के पदक जीतने के प्रबल दावेदारों में शामिल भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) एथलीट नीरज चोपड़ा इस बार अपना खिताब बचाने नहीं उतरेंगे। नीरज चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। उनके स्थान पर भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता यशवीर सिंह को टीम में शामिल किया है। एशियाई खेलों का आयोजन १९ सितंबर से ४ अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा। एएफआई ने गुरुवार को आगामी एशियाई खेलों के लिए ७७ सदस्यीय ट्रैक एंड फील्ड टीम की घोषणा की। यशवीर को पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में शामिल किया गया है। इस स्पर्धा में रोहित यादव भी हिस्सा लेंगे। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज को इससे पहले ७३ सदस्यीय टीम में जगह दी गई थी। वह जकार्ता (२०१८) और हांगझोउ (२०२३) में जीते अपने एशियाई खेलों के खिताब की रक्षा करने उतरने की तैयारी में थे, लेकिन चोट के कारण वह टीम से बाहर हो गए हैं। पुरुषों की ११० मीटर बाधा दौड़ में भारत को एक और झटका लगा है और ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में चोटिल हुए तेजस शिरसे टीम से बाहर हो गए हैं। इस प्रकार शुरुआती टीम में ६ नए खिलाड़ियों को जगह मिली है। इनमें २०० मीटर धाविका हरिता भद्रा, ४०० मीटर धाविका किरण पहल, पोल वॉल्टर सिंधुश्री जी, ट्रिपल जम्पर आई आशा इलांगो, डिस्कस थ्रोअर सान्या यादव और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार शामिल हैं।
​भारतीय एथलेटिक्स टीम में हांगझोउ एशियाई खेलों के १५ पदक विजेता और चैंपियन शामिल हैं। इनमें ४ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने २०२३ में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता था और अब जापान में अपने खिताब की रक्षा करने उतरेंगे। अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी टीम का हिस्सा हैं। साबले ने हांगझोउ में ३००० मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और ५००० मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। वहीं तजिंदरपाल एशियाई खेलों में तीसरे स्वर्ण पदक की तलाश में उतरेंगे। पारुल चौधरी का चयन १५०० मीटर, ३००० मीटर स्टीपलचेज और ५००० मीटर के लिए किया गया है। इसी तरह अन्नू रानी भाला फेंक स्पर्धा में अपना खिताब बचाने उतरेंगी। १०० मीटर बाधा दौड़ की स्टार ज्योति याराजी भी टीम में हैं। हांगझोउ में रजत पदक जीतने वाली ज्योति का इस बार स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रहेगा। लंबी कूद (लॉन्ग जंप) में मुरली श्रीशंकर से भी भारत को पदक की उम्मीद रहेगी। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने अपना दूसरा रजत पदक जीता था। इसके अलावा तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफजल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज जैसे हांगझोउ के पदक विजेता भी टीम में शामिल हैं। हांगझोउ एशियाई खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में सर्वाधिक पदक जीते थे। भारतीय एथलीटों ने कुल २९ पदक जीते थे, जिनमें ६ स्वर्ण, १४ रजत और ९ कांस्य पदक शामिल थे। इस बार भी एथलेटिक्स में भारत के बड़ी संख्या में पदक जीतने की संभावना है।

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