भारतीय रक्षा सेवाओं में इतिहास: शक्ति शर्मा बनीं पहली गैर-चिकित्सा महिला एयर वाइस मार्शल

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​नई दिल्ली: भारतीय रक्षा सेवाओं में नारी शक्ति के बढ़ते कदम के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। भारतीय वायु सेना की एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा देश की रक्षा सेवाओं (गैर-चिकित्सा क्षेत्र) में दो-सितारा (टू-स्टार) रैंक हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।
​उन्होंने मंगलवार को वायु सेना मुख्यालय में ‘सहायक वायु सेना प्रमुख (शिक्षा)’ यानी असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (एजुकेशन) के रूप में पदभार ग्रहण किया।
​इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश साझा करते हुए इसे ‘नारी शक्ति’ और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने लिखा— “यह केवल एक ‘ग्लास सीलिंग’ का टूटना नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय उपलब्धि है। यह उस भारत को दर्शाता है जहाँ महिलाएं देश सेवा, जिम्मेदारी और नेतृत्व के सर्वोच्च स्तर पर अपना सही स्थान हासिल कर रही हैं।”
​एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा १८ जून १९९४ को भारतीय वायु सेना की शिक्षा शाखा में शामिल हुई थीं। ३२ वर्षों से अधिक के अपने शानदार सेवा काल के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों, कमांड मुख्यालय और एयर मुख्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इससे पूर्व वे तीनों सेनाओं से किसी सैनिक स्कूल (सैनिक स्कूल कपूरथला) की कमान संभालने वाली (प्रधानाचार्य बनने वाली) पहली महिला अधिकारी बनकर भी इतिहास रच चुकी हैं।
​उनकी यह उपलब्धि देश की युवा महिलाओं को भारतीय रक्षा बलों में सेवा देने और उच्च पदों तक पहुँचने के लिए प्रेरित करेगी।

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