मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वैचारिक समर्थक के रूप में पहचाने जाने वाले अलेक्जेंडर दुगिन ने विश्व व्यवस्था में भारत के बढ़ते प्रभाव की प्रशंसा करते हुए कहा है कि बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दुगिन के अनुसार, दुनिया धीरे-धीरे एकध्रुवीय व्यवस्था से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी शक्तियों के वैश्विक प्रभुत्व का दावा कमजोर हो रहा है। नई विश्व व्यवस्था में विभिन्न सभ्यताएं और राष्ट्र अपने मूल्यों, परंपराओं तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।
बहुध्रुवीय विश्व की अवधारणा विकसित होने का दावा
दुगिन ने कहा कि वह पिछले तीन दशकों से बहुध्रुवीय विश्व के सिद्धांत और उसके निर्माण की प्रक्रिया का अध्ययन एवं विकास करते आ रहे हैं।
उनके अनुसार, व्लादिमीर पुतिन के सत्ता में आने के बाद रूस पुराने विश्व व्यवस्था के ढांचे से बाहर निकलते हुए बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने लगा था। उन्होंने दावा किया कि उन्नीस सौ नब्बे के दशक के अंत में रूसी राजनेता येवगेनी प्रिमाकोव ने भी बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के शुरुआती संकेतों को पहचान लिया था।
दुगिन ने कहा कि चीन के उदय और रूस की बढ़ती दृढ़ता के साथ बहुध्रुवीयता की अवधारणा धीरे-धीरे स्पष्ट होती गई। उनके अनुसार, नई विश्व व्यवस्था के सैद्धांतिक आधार का पहले ही विस्तार से अध्ययन किया जा चुका है और दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ रही है, इसे इस क्षेत्र में पेशेवर रूप से काम करने वाले लोगों के लिए समझना कठिन नहीं है।
पश्चिम के एकध्रुवीय दावे को खारिज किए जाने का दुगिन का दावा
दुगिन ने दावा किया कि एक नई बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का उदय हो रहा है। उनके अनुसार, दुनिया अब एकध्रुवीय नहीं बल्कि बहुध्रुवीय होती जा रही है। इसके साथ ही पश्चिम द्वारा अपनी मूल्यों और व्यवस्था को पूरी दुनिया के लिए सार्वभौमिक रूप से स्थापित करने का दावा कमजोर हुआ है।
उन्होंने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व की प्रत्येक शक्ति या सभ्यता-राष्ट्र विश्व व्यवस्था, मूल्यों, परंपराओं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा। इन विभिन्न दृष्टिकोणों पर सामूहिक रूप से विचार किया जाएगा, हालांकि विश्व व्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रमुख प्रतिभागियों की संख्या अभी भी सीमित रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
दुगिन ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उनके अनुसार, भारत अपनी सभ्यतागत पहचान और बड़ी शक्ति के कारण विश्व व्यवस्था में निर्णायक प्रभाव डालने वाला देश बन सकता है। यदि भारत रूस और चीन के साथ सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ ईरान, अफ्रीकी देशों तथा ब्राजील जैसे देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाता है, तो बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
दुगिन ने भारत, रूस, चीन, ईरान, अफ्रीका और ब्राजील के बीच सहयोग को ब्रिक्स की व्यापक परियोजना से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह का सहयोग बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण को मजबूत करेगा।
उन्होंने दावा किया कि भविष्य की विश्व व्यवस्था का स्वरूप तय करने की प्रक्रिया में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।





