बलोच आंदोलन को कुचलने और भारत के खिलाफ नई साजिश की तैयारी
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आला अधिकारियों और आतंकी कमांडरों के बीच बलूचिस्तान में एक हाई-लेवल गुप्त बैठक आयोजित की गई है। ‘जिहाद-उर-पाकिस्तान’ के बैनर तले हुई इस बैठक में आईएसआई के लगभग २५ अधिकारियों, लश्कर और जमात-उद-दावा के ५० सीनियर कैडरों, कट्टरपंथी मुफ़्तियों, छात्र संगठनों और स्थानीय व्यापारियों समेत करीब ३५० लोग शामिल हुए।
इस गुप्त बैठक का मुख्य मकसद बलूच राष्ट्रवादियों के आंदोलन को कुचलने के लिए आतंकियों का नया गुट खड़ा करना और भारत के खिलाफ नई आतंकी साजिशें रचना है। इस नापाक योजना के तहत स्थानीय युवाओं को भड़काकर हर महीने ४० हजार पाकिस्तानी रुपये का वजीफा देने और क्वेटा को मुख्य केंद्र बनाकर पूरे बलूचिस्तान में ५ नए ट्रेनिंग सेंटरों के जरिए ३० दिनों का बेसिक आतंकी कोर्स कराने का फैसला किया गया है। इसके अलावा बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और मजीद ब्रिगेड जैसे विद्रोही संगठनों में अंदरूनी सेंध लगाने के लिए लश्कर के ४० खास आतंकियों को ४ महीने की स्पेशल सीक्रेट ट्रेनिंग देकर इन समूहों में घुसपैठ कराने का रणनीतिक निर्देश दिया गया है।











