नई दिल्ली: कई माता-पिता बच्चों के होमवर्क को एक बोझ समझते हैं और इसे समय पर करवाने में परेशान होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि होमवर्क बच्चों के सीखने और आदतों के विकास के लिए जरूरी है। माता-पिता का इसमें सक्रिय जुड़ाव बच्चों के उत्साह को बढ़ाता है।
पैरेंट्स की भूमिका
होमवर्क के समय माता-पिता को पूरी तरह ध्यान देना चाहिए। किसी और काम में व्यस्त न रहें।
बच्चों के लिए शांत और रोशनीयुक्त कमरा होना आवश्यक है। टीवी और फोन बंद रखें।
आवश्यक स्टेशनरी जैसे पेन, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स आदि एक जगह रखें।
रेखा अपनी बेटी स्मृति (पांचवीं कक्षा) का होमवर्क खुद करवाती हैं, क्योंकि इससे उन्हें पता चलता है कि माता-पिता उनकी शिक्षा में रुचि रखते हैं।
होमवर्क का लाभ
बच्चों में नियमित आदतों का विकास होता है।
अच्छे रिमार्क से बच्चे और बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं।
शांत माहौल में पढ़ाई करने से बच्चे जल्दी याद करते हैं और होमवर्क समय पर पूरा होता है।










