‘फॉर्च्यून इंडिया’ की १०० सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल हुईं स्मृति ईरानी, मुंबई में महिला सशक्तिकरण पर दिया विशेष वक्तव्य

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नई दिल्ली: भारत की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी को ‘फॉर्च्यून इंडिया’ के वर्ष २०२६ की ‘१०० सबसे शक्तिशाली महिलाओं’ की सूची में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए उन्होंने महिला नेतृत्व, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी और महिला आर्थिक सशक्तिकरण के भविष्य पर विचार साझा किए।
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने इस बात पर जोर दिया कि हर महिला के लिए अपनी क्षमता और आत्म-मूल्य को पहचानना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण की शुरुआत इस समझ से होती है कि महिला अपने आप में पर्याप्त है और उसे खुद की कीमत पहचाननी होगी।
​एआई और लैंगिक समानता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दूरगामी प्रभावों पर बात करते हुए उन्होंने समावेशी नवाचार (इनक्लूसिव इनोवेशन) की वकालत की। उन्होंने कहा, “यदि एआई एल्गोरिदम को महिलाओं की भागीदारी, उनके योगदान और जमीनी अनुभवों से जुड़े डेटा पर प्रशिक्षित नहीं किया गया, तो एआई कभी भी लैंगिक समानता का सच्चा साधन नहीं बन सकता। तकनीक को समाज के लिए समान रूप से उपयोगी बनाने के लिए एआई के बुनियादी ढांचे में महिलाओं की कहानियों और उनकी क्षमता को पहचानना अनिवार्य है।”
​इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हर महिला को किसी अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर बातचीत (नेगोशिएट) करना आना चाहिए। यह न केवल एक पेशेवर कौशल है, बल्कि यह महिला के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आत्म-सम्मान की अभिव्यक्ति भी है।

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