काठमांडू: प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह ने मंगलवार को मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया है। नए मंत्रियों को शामिल करते हुए प्रधानमंत्री शाह ने अपने कार्यकाल में पांचवीं बार मंत्रिमंडल में फेरबदल कर १७ सदस्यीय नई टीम के कार्यविभाजन और वरीयता क्रम को अंतिम रूप दिया है। इस बार के पुनर्गठन में गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सुधन गुरुङ को सौंपी गई है, जबकि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्रालय का कार्यभार महावीर पुन को मिला है। नवनियुक्त दोनों मंत्रियों ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर अपना-अपना कार्यभार संभाल लिया है।
२०८२ चैत १३ गते प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने वाले शाह ने देश की राजनीतिक आवश्यकता और सरकारी कामकाज को गति देने के लिए इससे पहले क्रमशः २०८२ चैत २४, चैत २७, २०८३ वैशाख ९ और वैशाख ३१ गते मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया था। मंगलवार को सार्वजनिक किए गए नए वरीयता क्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह ने रक्षा मंत्रालय अपने पास ही रखा है, जबकि दूसरे वरीयता क्रम पर अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले और तीसरे स्थान पर परराष्ट्रमन्त्री शिशिर खनाल हैं। चौथे स्थान पर ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ हैं, वहीं नए शामिल हुए गृहमंत्री सुधन गुरुङ पांचवें वरीयता क्रम पर हैं।
इसी तरह बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लम्साल छठे, कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य मंत्री सोविता गौतम सातवें और नवनियुक्त विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री महावीर पुन आठवें स्थान पर हैं। मंत्रिमंडल के नौवें वरीयता क्रम पर महिला, बच्चे, लैंगिक एवं यौन अल्पसंख्यक और सामाजिक सुरक्षा मंत्री सीता बादी, दसवें पर भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामले एवं सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल और ग्यारहवें स्थान पर स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री निशा मेहता हैं।
वरीयता क्रम की निरंतरता में शिक्षा एवं खेल मंत्री सस्मित पोखरेल बारहवें, संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल तेरहवें, सूचना एवं संचार मंत्री डॉ. विक्रम तिमिल्सिना चौदहवें और कृषि, वन एवं पर्यावरण मंत्री गीता चौधरी पंद्रहवें स्थान पर हैं। मंत्रिमंडल के अंतिम दो वरीयता क्रम में क्रमशः उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्री गौरी कुमारी सोलहवें और युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव सत्रहवें स्थान पर हैं। इस नए कार्यविभाजन और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की उपस्थिति के साथ सरकार द्वारा जन-आकांक्षाओं के अनुरूप नई गति लेने की उम्मीद जताई गई है।









