कोलकाता: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संसद में मिली पराजय के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर तीखा हमला बोला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने। रविवार को हुगली के तारकेश्वर में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा से उन्होंने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए।
सभा से ममता ने कहा, “लोकसभा में जो परिणाम आया है, उससे स्पष्ट है कि यह सरकार टिकने वाली नहीं है। छब्बीस से ही पतन शुरू हो चुका है, अब सिर्फ जाने की देर है।” संसद में मतदान के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के कई सदस्य उपस्थित नहीं हो सके, जिससे परिणाम प्रभावित हुआ। उनका कहना था, “यदि सभी मौजूद होते तो भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह हार जाती। जैसे हमने पहले हराया है, वैसे ही आगे भी हराएंगे।”
प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अपनी हार देखकर ५४३ सीटों की जगह साढ़े ८०० सीटों की योजना बनाई गई थी। कल दूरदर्शन पर दिए गए भाषण में झूठ बोला गया। राज्य में मतदान के दौरान इस तरह राजनीतिक प्रचार करना कैसे उचित है, इस पर सवाल उठता है।” साथ ही उन्होंने इस मामले में शिकायत करने की बात भी कही।
राज्य में केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियों को लेकर भी ममता ने नाराज़गी जताई। रासबिहारी के तृणमूल नेता देवाशीष कुमार के घर हुई तलाशी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “हर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी, हम चुप नहीं बैठेंगे।” इसके साथ ही इशारों में राजनीतिक परामर्शदात्री संस्थाओं के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि उनसे जुड़े लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है।
तारकेश्वर की सभा से उन्होंने आगे कहा, “जो लोग हमारी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें बंगाल छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। लेकिन हम किसी को छोड़ेंगे नहीं, उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”
इस दिन मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा से जुड़े व्यक्ति के घर पर भी तलाशी ली गई है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या मुझे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है? यदि मुझे हटाकर बंगाल पर कब्जा करना चाहते हैं, तो कोशिश करके देख लें।” साथ ही उन्होंने दावा किया कि अतीत में भी उन पर कई बार हमला करने की कोशिश की गई है।
मुख्यमंत्री के इस तीखे हमले से राज्य की राजनीतिक स्थिति और अधिक गर्म हो गई है।









