नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पाइप के जरिए मिलने वाली रसोई गैस यानी पीएनजी कनेक्शन रखने वाले परिवारों के लिए सब्सिडी वाले एलपीजी कनेक्शन पर रोक लगाने का फैसला किया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने १४ मार्च को जारी अधिसूचना में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की आपूर्ति और वितरण से जुड़े आदेश में संशोधन किया है। इसके अनुसार जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
संशोधित नियम के तहत सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां और उनके वितरक ऐसे उपभोक्ताओं को भरा हुआ गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराएंगे, जिनके घरों में पहले से पाइप के जरिए गैस की सुविधा है।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य उन घरों को एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देना है जहां पाइपलाइन के जरिए गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ऊर्जा आपूर्ति पर वैश्विक दबाव को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने शहरों में गैस वितरण कंपनियों को घरेलू पीएनजी कनेक्शन के विस्तार में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश की लगभग ८८ प्रतिशत कच्चे तेल, करीब ५० प्रतिशत प्राकृतिक गैस और लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी की जरूरत आयात से पूरी होती है।










