नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटे सीमावर्ती इलाकों में १५ किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर गिराने का आदेश दिया है। इससे पहले बिहार दौरे के दौरान इस दायरे को १० किलोमीटर तय किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर १५ किलोमीटर कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य ‘३६० डिग्री सुरक्षा ग्रिड’ तैयार करना है।
गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य न केवल अवैध ढांचों को हटाना है, बल्कि यह पता लगाना भी है कि सीमा क्षेत्र में बनी महंगी कमर्शियल या रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स के मालिक कौन हैं और इन निर्माणों के लिए पैसा कहां से आया। गृह मंत्री ने बीएसएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और राज्य सरकारों को घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी, अतिक्रमण, टेरर फंडिंग और सीमा पार के अन्य अपराधों पर सख्त शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।
इस आदेश को अमली जामा पहनाने से पहले बीएसएफ, सेना, स्थानीय राज्य प्रशासन और पुलिस मिलकर इन अवैध निर्माणों की पहचान कर एक विस्तृत लिस्ट तैयार करेंगे। इसी सिलसिले में गृह मंत्री शाह २९ मई को गुजरात के भुज क्षेत्र का दौरा करेंगे, जहां वह सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘हरामी नाला’ का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वह सीमा की तकनीकी निगरानी को मजबूत करने के लिए मोबाइल फोन से ऑपरेट होने वाले अत्याधुनिक पीटीजेड कैमरों के कंट्रोल रूम का भी जायजा लेंगे।










