काठमांडू: नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों के लिए मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के देशों में काम करने हेतु श्रम स्वीकृति (वर्क परमिट) जारी करने की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। क्षेत्र में छिड़े युद्ध और अस्थिरता के कारण पिछले छह महीनों से लगाए गए प्रतिबंध को हटाते हुए सरकार ने मंगलवार को यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
नेपाल के श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता पीतांबर घिमिरे ने बताया कि विदेश मंत्रालय की सलाह और कामगारों की भारी मांग को देखते हुए परमिट जारी करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि २८ फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से नेपाल सरकार ने १ मार्च से खाड़ी देशों के लिए परमिट जारी करना बंद कर दिया था। अब स्थिति की समीक्षा के बाद इस प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, विदेश में काम करने वाले कुल नेपाली नागरिकों में से लगभग ७५ प्रतिशत मिडिल ईस्ट के देशों में कार्यरत हैं, जो मुख्य रूप से निर्माण क्षेत्र में मजदूर के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं। इन कामगारों द्वारा भेजी जाने वाली राशि नेपाल की ४२ अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में २५ प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। नेपाल में बढ़ती बेरोजगारी दर और रोजगार के सीमित अवसरों के बीच, हर दिन लगभग १५०० युवा विदेश का रुख करते हैं। सरकार के इस आदेश से उन हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिली है जो लंबे समय से काम के सिलसिले में विदेश जाने का इंतजार कर रहे थे।










