नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़

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चीन की तरफ मृतकों की संख्या ४३ पहुंची, ५१९ लोग अभी भी लापता

​काठमांडू: नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित हिमाली क्षेत्र में गत भदौ १० गते आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण चीन की तरफ मरने वालों की संख्या ४३ पहुंच गई है। बचाव एवं खोज कार्य में लगे अधिकारियों ने रविवार को इस तथ्य की आधिकारिक पुष्टि की है।
​हिमाली क्षेत्र में गिरे बड़े भूस्खलन और उसके तुरंत बाद हिमनदी (ग्लेशियर) फटने से आई अकल्पनीय बाढ़ के कारण अब तक ४३ लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि ५१९ लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने चीन और नेपाल दोनों देशों के सीमावर्ती इलाके में भारी मानवीय और भौतिक क्षति पहुंचाई है। दोनों देशों में मिलाकर अब तक लगभग १ हजार ४ सौ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि ५ हजार ५ सौ से अधिक लोग लापता हैं।
​भीषण बाढ़ के कारण हजारों मकान बह गए हैं और कई बस्तियां पूरी तरह डूब जाने से दसों हजार नागरिक विस्थापित हो गए हैं।
​विशेष रूप से नेपाली भूभाग में बाढ़ ने बड़ा विनाश मचाया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नेपाली क्षेत्र में संचालित जलविद्युत परियोजनाएं, सड़क नेटवर्क, पक्के व झोलुंगे (झूला) पुल, आम लोगों के घर और सैकड़ों बीघा खेती योग्य जमीन ध्वस्त होने से सैकड़ों अरब रुपये के बराबर का नुकसान हुआ है।
​अभी भी प्रभावित क्षेत्र में सेना और पुलिस की टीम राहत-बचाव और लापता लोगों की तलाश में निरंतर जुटी हुई है। हालांकि, कठिन भौगोलिक स्थिति और लगातार आ रहे छोटे-मोटे भूस्खलन के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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