नई दिल्ली: एशियाई खेल २०२६ में भारत को शूटिंग में एक और स्वर्ण पदक मिला। नीरू ढांडा ने महिलाओं की शॉटगन ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में कोई भी पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला शूटर बन गई हैं।
उन्होंने फाइनल में ३० में से २८ बार सटीक निशाना लगाया। चीन की यूनांग सुन ने २६ के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। इसके साथ ही नीरू ने एशियाई रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इतना ही नहीं, वह जारी एशियाड में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी भी बन गई हैं।
इस सफलता के साथ एशियाई खेलों में भारतीय शूटिंग के लिए ३६ साल का लंबा इंतजार भी खत्म हो गया। महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा १९९० में एशियाई खेलों का हिस्सा बनी थी, लेकिन २०१८ के हांगझोउ एशियाई खेलों तक इस स्पर्धा में भारत एक भी पदक नहीं जीत सका था। इस बार आइची-नागोया में नीरू ने इस लंबे इंतजार को खत्म करते हुए इतिहास रच दिया। इस तरह इस स्पर्धा में भारत ने अपना पहला पदक जीता और वह भी स्वर्ण के रूप में।
पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारत पहले ही एक स्वर्ण पदक जीत चुका है। १९७८ के बैंकॉक एशियाड में रंधीर सिंह ने स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन महिलाओं में भारत को इस स्पर्धा में पहली बार पदक मिला है।
पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में रंधीर सिंह ने १९८२ के नई दिल्ली एशियाई खेलों में भी कांस्य पदक जीता था। इसके बाद मानवजीत सिंह संधू ने २००६ के दोहा एशियाड में रजत पदक जीता। लक्ष्य श्योराण, जो नीरू के भाई हैं, ने २०१८ के जकार्ता एशियाड में रजत पदक जीता था। २०२२ में किनान चेनाई ने कांस्य पदक हासिल किया था। इस तरह पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारत अब तक कुल ५ पदक जीत चुका है।
नीरू का २८ का स्कोर केवल स्वर्ण पदक जीतने तक सीमित नहीं रहा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड २४ अंक का था, जिसे चीनी ताइपे की वान यू लियू ने १९ जनवरी २०२६ को बनाया था। नीरू ने फाइनल में 28 का स्कोर करके पुराने रिकॉर्ड में ४ अंकों का सुधार किया।
१९९० के बीजिंग एशियाई खेलों में महिलाओं की शॉटगन ट्रैप स्पर्धा को पहली बार शामिल किए जाने के बाद से चीन, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और लेबनान की खिलाड़ियों ने ही इस स्पर्धा में पदक जीते थे। लेकिन इस बार भारत को पोडियम पर शीर्ष स्थान दिलाकर नीरू ने इतिहास बदल दिया।
आइची-नागोया में यह भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी है। इससे पहले भारत ने चार पदक मिश्रित या टीम स्पर्धाओं में जीते थे।
एशियाई खेल २०२६ में यह नीरू का दूसरा पदक है। इससे पहले महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने तीन दिन के २२५-शॉट क्वालीफिकेशन राउंड के बाद कुल ३२८ अंक हासिल करके रजत पदक जीता था।





