नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दोषी चक्रवर्ती को २२ साल का सश्रम कारावास

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी पुलिस साढ़े पांच साल पुराने एक यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़ित नाबालिग बच्ची को न्याय दिलाने में सफल रही है। १ अगस्त २०२० को एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में वैद्य चक्रवर्ती के खिलाफ न्यू जलपाईगुड़ी थाने में (मामला संख्या ९२२/२०) ‘पॉक्सो’ (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
​मामले के जांच अधिकारी, सब-इंस्पेक्टर (एसई) परेश बर्मन ने मुस्तैदी से जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कानूनी रूप से तय समय सीमा के भीतर ही अदालत के समक्ष आरोप पत्र (चार्जशीट) भी दाखिल कर दिया था।
​इसी हफ्ते (२४ जून २०२६ को) जलपाईगुड़ी की दूसरी अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (जिन्हें पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत नामित किया गया है) ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी वैद्य चक्रवर्ती को दोषी करार देते हुए पॉक्सो अधिनियम की धारा ४ के तहत २२ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
​इसके साथ ही दोषी पर २० हजार भारतीय रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
​सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा करने और हर पीड़ित को न्याय सुनिश्चित करने के लिए सिलीगुड़ी पुलिस हमेशा प्रतिबद्ध है।”

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