गंगटोक: माउंट कैलाश और मानसरोवर झील की पवित्र तीर्थयात्रा पर जाने वाले कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले जत्थे को आज सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने नाथू-ला से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हिंदू धर्म में सबसे पूजनीय तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के सुदूर नगारी प्रान्त में स्थित माउंट कैलाश और मानसरोवर झील तक ले जाती है।
पहले जत्थे में दो संपर्क अधिकारियों और एक चिकित्सा अधिकारी सहित ४१ यात्री शामिल हैं। इसके साथ ही चार अतिरिक्त सहायता कर्मी भी इस दल में शामिल हैं, जिससे कुल दल की संख्या ४७ हो गई है।
नाथू-ला पहुंचने पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने यात्रियों से बातचीत की और उनके कुशल-क्षेम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छह साल के अंतराल के बाद पिछले वर्ष फिर से शुरू हुई इस यात्रा के पहले जत्थे का हिस्सा बनने को तीर्थयात्रियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
इसके बाद, राज्यपाल ने १४,१४० फीट की ऊंचाई पर स्थित नाथू-ला दर्रे से यात्रियों को हरी झंडी दिखाई, जिसके बाद वे चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में प्रवेश कर गए।
शेड्यूल के अनुसार, यात्रियों के आज ही ग्यांगत्से पहुंचने की उम्मीद है, जबकि मानसरोवर परिक्रमा २७ जून, २०२६ को निर्धारित है। पहला जत्था १ जुलाई, २०२६ को गंगटोक वापस लौटने वाला है।
आज के इस रवानगी समारोह में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के मंत्री श्री छिरिंग थेंदुप भूटिया, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव श्री राज कुमार यादव, सिक्किम टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एसटीडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ग्युर्मी योसाल, गंगटोक के डीसी श्री रोहन अगावाने, गंगटोक के एसपी श्री महेंद्र सुब्बा, आईटीबीपी और जाट रेजिमेंट के जवान, सिक्किम पुलिस के अधिकारी, सिक्किम पर्यटन विकास निगम के अधिकारी और अन्य हितधारक उपस्थित थे।










