नई दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान ‘महामंथन’

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पबित्रा मार्गेरिटा से मिले अफगानिस्तान के कृषि मंत्री ओमारी

नई दिल्ली: भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
​केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा सामाजिक मंच पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री चिराग पासवान ने ओमारी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य संवर्द्धन (वैल्यू एडिशन), बुनियादी ढांचे के विकास, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के माध्यम से आपसी सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।
​दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, जनसामान्य की आजीविका में सुधार लाने और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। वहीं, विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने भी इस बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान भारत-अफगानिस्तान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई और अफगान जनता के कल्याण एवं विकास के लिए जारी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
​अफगान कृषि मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने और साझा हितों के मुद्दों पर वार्ता के लिए मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे थे।
​पाकिस्तान के हवाई हमलों की भारत ने की थी निंदा
यह दौरा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हो रहा है। हाल ही में अफगान प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों (एयरस्ट्राइक) के कारण कई अफगान नागरिक हताहत हुए थे। भारत ने अफगान क्षेत्र पर किए गए इस हवाई हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी। भारत का कहना था कि यह कार्रवाई पाकिस्तान के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा के माध्यम से अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के निरर्थक प्रयास को दर्शाती है।
​अफगानिस्तान को भारत की मानवीय सहायता
भारत ने विभिन्न सहायता और विकास परियोजनाओं के माध्यम से काबुल को निरंतर समर्थन देने का संकल्प जताया है। भारत लंबे समय से अफगानिस्तान को चिकित्सा उपकरण, दवाएं और आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराता रहा है। इसी प्रतिबद्धता के तहत, विगत १७ जून को पांच टन आवश्यक दवाएं काबुल भेजी गईं। इससे पूर्व, २२ मई को अफगान बच्चों के टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए भारत ने २० टन बीसीजी और टीडी (टिटनेस, डिफ्थीरिया) के टीके काबुल भेजे थे।

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