कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझौते
काठमांडू: नेपाल और भारत के बीच व्यापार, पारगमन तथा अवैध आवागमन नियंत्रण से संबंधित अंतर-सरकारी उपसमिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को भारत में संपन्न हुई।
भारत के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने, पारगमन सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इन क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच आसान बनाने पर चर्चा
बैठक में कृषि, दुग्ध उत्पाद, खाद्य सामग्री, औषधि तथा चिकित्सा उपकरणों के व्यापार को सुगम बनाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में बाजार तक पहुंच आसान बनाने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श किया।
सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण पर समझौता
दोनों देशों ने सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने के लिए कई कदम उठाने पर सहमति जताई। इनमें शामिल हैं:
– आगमन-पूर्व सूचना का आदान-प्रदान,
– मूल प्रमाण-पत्र का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन,
– सीमा शुल्क प्रणालियों का स्वचालन,
– तथा सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण।
रेल, सड़क और भूमि बंदरगाहों के बेहतर उपयोग पर सहमति
बैठक में रेल एवं सड़क नेटवर्क, एकीकृत जांच चौकियों तथा भूमि बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय तथा पारगमन व्यापार में आने वाली परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करना है।
अवैध व्यापार और धोखाधड़ी के खिलाफ संयुक्त कदम
नेपाल और भारत ने वैध सीमा-पार व्यापार को बढ़ावा देने तथा अवैध व्यापार और व्यापारिक धोखाधड़ी को नियंत्रित करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
बैठक के अंत में दोनों देशों ने नेपाल-भारत द्विपक्षीय व्यापार, पारगमन व्यवस्था तथा आर्थिक संबंधों को और मजबूत एवं विस्तारित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक का नेतृत्व
नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुधा बहादुर गुरुङ ने किया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष ने किया।





