चेन्नई: पूर्व क्षेत्र (ईस्ट ज़ोन) ने इतिहास रचते हुए दिलीप ट्रॉफी २०२६ क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। दक्षिण क्षेत्र (साउथ ज़ोन) के खिलाफ चेन्नई के चेपॉक में खेले गए फाइनल में पूर्व क्षेत्र ने पहली पारी के आधार पर हासिल हुई ३७२ रन की बढ़त की बदौलत ट्रॉफी पर कब्जा किया। ईशान किशन की कप्तानी वाली पूर्व क्षेत्र ने पहली पारी में ७०८ रन का विशाल स्कोर बनाया था। इसके जवाब में दक्षिण क्षेत्र की पहली पारी ३३६ रन पर सिमट गई, जिससे पूर्व क्षेत्र को पहली पारी के आधार पर ३७२ रन की बढ़त हासिल हुई। पूर्व क्षेत्र ने गुरुवार को मैच के पांचवें और अंतिम दिन ७ विकेट पर ३८८ रन के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। इस तरह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में बढ़त के आधार पर पूर्व क्षेत्र चैंपियन बन गया।
पूर्व क्षेत्र ने आखिरी बार २०१२-१३ में दिलीप ट्रॉफी का खिताब जीता था। इस तरह टीम को फिर से चैंपियन बनने के लिए १३ साल का इंतजार करना पड़ा। यह पूर्व क्षेत्र का कुल मिलाकर तीसरा दिलीप ट्रॉफी खिताब है। इससे पहले उन्होंने २०१२-१३ और २०११-१२ में भी खिताब जीता था, जब टीम ने लगातार दो बार ट्रॉफी अपने नाम की थी और उस समय नटराज बेहरा टीम के कप्तान थे। ईशान किशन पूर्व क्षेत्र को चैंपियन बनाने वाले दूसरे कप्तान हैं।
फाइनल में २७० और ८० रन की पारियां खेलने वाले कप्तान ईशान किशन को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ घोषित किया गया।
पूर्व क्षेत्र को चैंपियन बनाने में कप्तान ईशान की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने पहली पारी में ३३४ गेंदों में ३० चौकों और ७ छक्कों की मदद से २७० रन बनाए। वह दिलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक बनाने वाले केवल सातवें बल्लेबाज हैं। ईशान यहीं नहीं रुके; उन्होंने दूसरी पारी में भी ९८ गेंदों पर ८० रन बनाए, जिससे फाइनल मैच में उन्होंने कुल ३५० रन जुटाए। ईशान के अलावा पूर्व क्षेत्र की ओर से कुमार कुशाग्र (पहली पारी में १०१ रन) और एमडी कौनैन कुरैशी (दूसरी पारी में नाबाद ११६ रन) ने भी शतकीय पारियां खेलीं।





