नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और ओपनिंग बल्लेबाज डीन एल्गर ने क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। यह ३९ वर्षीय बल्लेबाज २०२६ सीजन के अंत में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेगा। इसके साथ ही २ दशक से अधिक लंबे उनके असाधारण करियर का भी अंत हो जाएगा। एल्गर ने अपने परिवार को अधिक समय देने के लिए यह फैसला किया है। डीन एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए ८६ टेस्ट मैच खेलकर ३७.९२ के औसत से ५३४७ रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम १४ शतक दर्ज हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर १९९ रन रहा, जो उन्होंने २०१७ में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था। वहीं उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की तरफ से ८ वनडे मैच खेलकर १०४ रन बनाए। उन्होंने टेस्ट में १५ और वनडे में २ विकेट भी लिए हैं। एल्गर ने १८ टेस्ट मैचों में दक्षिण अफ्रीकी टीम की कप्तानी भी की। उन्होंने जनवरी २०२४ में भारत के खिलाफ केप टाउन टेस्ट मैच में आखिरी बार कप्तानी की थी। उस मैच में नियमित कप्तान टेम्बा बावुमा चोट के कारण टीम का हिस्सा नहीं थे। अपने फैसले की घोषणा करते हुए एल्गर ने कहा, मेरे विचार में यही सही समय है। मैं ३९ वर्ष का हो चुका हूँ और घर पर बहुत कुछ चल रहा है। बच्चे तेजी से बड़े हो रहे हैं। मैं अब अपने परिवार के साथ रहना चाहता हूँ। एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए १२ साल खेलने और टीम की कप्तानी करने को अपने करियर का सबसे गौरवपूर्ण समय बताया है। उन्होंने कहा, पीछे मुड़कर देखने पर मुझे लगता है कि बहुत कम लोगों ने ही सोचा था कि मेरा क्रिकेट करियर इतने लंबे समय तक चलेगा। दो दशक से अधिक लंबा करियर होना खास बात है। एल्गर ने अपने करियर के सबसे यादगार क्षणों में कप्तान के रूप में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ हासिल की गई जीत का उल्लेख किया। उनकी कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट रैंकिंग में काफी सुधार किया था। एल्गर के कप्तान बनते समय टीम सातवें स्थान पर थी, जबकि उनके कार्यकाल के अंत तक टीम दूसरे स्थान पर पहुँच चुकी थी।










