ईरान ने वार्ता प्रस्ताव किया खारिज
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने और मध्यस्थता करने के उद्देश्य से तेहरान पहुंचे पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को अपना दौरा दो दिनों के लिए तय होने के बावजूद एक ही दिन में समेटकर वापस लौटना पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदेशवाहक के रूप में तेहरान पहुंचे मुनीर द्वारा लाए गए विशेष और गोपनीय प्रस्तावों को ईरानी नेतृत्व ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ कोई भी समझौता या तनाव कम करने की प्रक्रिया तभी संभव है जब वाशिंगटन पहले तेहरान की शर्तों को पूरा करे।
अपनी यात्रा के दौरान मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात तो की, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से मिलने का उनका प्रयास सफल नहीं हो सका। ईरान में रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अंतिम और महत्वपूर्ण फैसले सर्वोच्च नेता द्वारा ही लिए जाते हैं, इसलिए यह मुलाकात न हो पाना कूटनीतिक रूप से मुनीर की बड़ी नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा, ईरानी अखबार ‘तेहरान टाइम्स’ ने भी अपने मुख्य पृष्ठ पर मुनीर और पेजेश्कियान की तस्वीर के साथ ‘जुआरी का दांव ईरान के सामने आया’ शीर्षक से खबर छापकर इस दौरे को अमेरिकी आर्थिक युद्ध से इज्जत बचाने का रास्ता खोजने की कोशिश करार दिया है। रणनीतिक जलमार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के मुद्दे पर भी ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता, वह अपने पुराने कड़े रुख पर कायम रहेगा।










