मॉस्को: रूस टी–१४ नेक्स्ट–जेनरेशन मुख्य युद्धक टैंक का परीक्षण कर रहा है। रूसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। डैशकैम फुटेज में टी–१४ नेक्स्ट–जेनरेशन मुख्य युद्धक टैंक का परीक्षण करते हुए देखा जा सकता है। यह फुटेज ऐसे समय सामने आया है, जब इस कार्यक्रम का भविष्य काफी अनिश्चित हो गया है। टैंक को परीक्षण केंद्र की ओर जाते समय एक कच्ची सड़क पार करते हुए देखा गया। यह परीक्षण केंद्र में होने वाली एक सामान्य सैन्य कवायद जैसी प्रतीत होती है। इस टैंक के भविष्य को लेकर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि दावा किया गया है कि यूक्रेनी टैंकों ने पहले ही इसका सामना किया है।
क्या रूस का यह ‘अपराजेय’ टी–१४ रोबोटिक टैंक युद्ध की दिशा बदल सकता है?
टी–१४ सोवियत संघ के नेक्स्ट–जेनरेशन टैंक कार्यक्रम का ही एक उन्नत रूप है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य १९९० के दशक के अंत तक सोवियत संघ की बख्तरबंद युद्ध क्षमता में बड़ा बदलाव लाना था। सोवियत संघ के विघटन से इस कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा और अंततः २००० के दशक में इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद इसी तरह की डिजाइन अवधारणा के आधार पर टी–१४ को इसका उत्तराधिकारी बनाकर विकसित किया गया।
यूक्रेन युद्ध में रूसी टैंक की प्रभावशीलता पर सवाल
२०१५ में टी–१४ को पहली बार सार्वजनिक किया गया था। उस समय उम्मीद की गई थी कि दशक के अंत तक यह रूसी सेना को दुनिया का सबसे शक्तिशाली मुख्य युद्धक टैंक उपलब्ध कराएगा, ठीक उसी तरह, जैसे १९६० के दशक में टी–६४ ने सोवियत सेना को दिया था। लेकिन इस टैंक को सैन्य सेवा में शामिल न कर पाने के कारण चीन रूस से आगे निकल गया और अक्टूबर २०२५ में ‘टाइप १००’ टैंक पेश करके नई पीढ़ी का टैंक सैन्य सेवा में शामिल करने वाला पहला देश बन गया, ऐसा उल्लेख किया गया है। बेहद नई डिजाइन के कारण ‘टाइप १००’ आधुनिक और भीषण युद्ध के लिए अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है।





