वैश्विक नेताओं के साथ अहम समझौतों पर बनी सहमति
नई दिल्ली: फ्रांस के एवियन में आयोजित जी७ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान और आर्थिक सहयोग को लेकर व्यापक कूटनीतिक पहल की है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। ट्रंप के साथ चर्चा में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक के साथ-साथ पश्चिम एशिया में शांति बहाली और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। वहीं, जेलेंस्की के साथ मुलाकात में भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापार को युद्ध-पूर्व स्तर पर वापस लाने पर सहमति बनी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत शांति और मानवता के मूल्यों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है।
आर्थिक मोर्चे पर यह सम्मेलन भारत के लिए बेहद सफल रहा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ हुई बातचीत के बाद भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) १५ जुलाई २०२६ से लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसमें भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। कनाडा के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को २०२६ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ मुलाकात में ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’ कहे जाने वाले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया गया, जिस पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह भारत की ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ नीति की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।










