नई दिल्ली: विश्व कप २०२६ में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जर्मन फुटबॉल टीम एक नए युग की शुरुआत करने जा रही है। प्रीमियर लीग क्लब लिवरपूल के पूर्व मैनेजर जर्गेन क्लॉप को जर्मन पुरुष फुटबॉल टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। जर्मन फुटबॉल महासंघ ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है।
जर्मन फुटबॉल टीम के साथ क्लॉप का अनुबंध २०३० फीफा विश्व कप तक रहेगा। जर्मनी का लक्ष्य आगामी प्रमुख टूर्नामेंटों में टीम को फिर से विश्व फुटबॉल की शीर्ष ताकत बनाना है। विश्व कप २०२६ के राउंड ऑफ ३२ में पराग्वे के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करने के बाद जर्मनी के पूर्व कोच जूलियन नागेल्समैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही क्लॉप को इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
जर्मनी की टीम ने २०१४ में विश्व कप जीतने के बाद से अब तक किसी भी पुरुष विश्व कप में कोई नॉकआउट मैच नहीं जीता है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद टीम में एक नए और मजबूत नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही थी। विश्व कप के दौरान जर्गेन क्लॉप न्यूयॉर्क में टीवी विशेषज्ञ के रूप में काम कर रहे थे। उसी समय उनकी जर्मन फुटबॉल महासंघ के अधिकारियों से बातचीत हुई थी। महासंघ ने ११ जुलाई को क्लॉप के साथ अनुबंध के मुख्य बिंदुओं पर सहमति बनने की जानकारी दी थी।
गौरतलब है कि क्लॉप ने २०२४ में लिवरपूल क्लब छोड़ दिया था। उस समय उन्होंने लगातार काम की थकान के कारण ब्रेक लेने के लिए क्लब छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद वे रेड बुल के वैश्विक फुटबॉल नेटवर्क में ‘हेड ऑफ ग्लोबल सॉकर’ की भूमिका निभा रहे थे। क्लॉप ने हाल ही में बयान दिया था कि वे अब पूरी तरह से तरोताजा महसूस कर रहे हैं और फिर से कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। अब उनके सामने जर्मनी को फिर से विश्व फुटबॉल की महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की कठिन चुनौती होगी।








